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होली से पहले गुना पर चढ़ने लगा चुनावी रंग, पहली बाजी भाजपा ने जीती, विजय संकल्प रैली आज आएगी

होली से पहले गुना पर चढ़ने लगा चुनावी रंग, पहली बाजी भाजपा ने जीती, विजय संकल्प रैली आज आएगी

आचार संहिता लगने के बाद पहली चुनावी सभा भाजपा की होने जा रही है, सिंधिया 19 से दो दिन गुना में रहेंगे

-निज प्रतिनिधि-

गुना। रंगों के त्यौहार होली से पहले गुना पर चुनावी रंग चढऩे लगा है। आम चर्चाओं में तो चुनावी चर्चा जोरों पर है ही, साथ ही प्रशासनिक एवं राजनीतिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है। प्रशासनिक स्तर पर बैठकों का दौर चलने के साथ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जा रहीं है, वहीं राजनीतिक स्तर पर चुनाव में पहली बाजी फिलहाल भाजपा के हाथ लगी है, जो आचार संहिता लगने के बाद पहली चुनावी सभा करने जा रही है, यह सभा कल 14 मार्च को होगी। कांग्रेस की ओर से कांग्रेस महासचिव एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ( संभावित प्रत्याशी भी) चुनाव प्रचार की कमान संभालने जा रहे है। सिंधिया 19 मार्च को गुना आएंगे। इस दौरान वह डेढ़ दिन गुना में रहकर चुनाव प्रचार करेंगे। आगामी दिनों में उनकी पत्नी श्रीमती प्रियदर्शिनी सिंधिया एवं पुत्र महाआर्यमन भी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने गुना की धरती पर कदम रखेंगे।

राकेश, शिवराज और गोपाल, एक साथ तीन दिग्गज भरेंगे चुनावी हुंकार

चुनावी डुगडुगी बजने के बाद राजनीतिक दलों की ओर से प्रचार अभियान की शुरुआत हो चुकी है। पहली बाजी भाजपा ने जीती है। कल 14 मार्च को भाजपा के तीन दिग्गज प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव गुना में चुनावी हुंकार भरेंगे। इस मौके पर यहां एक चुनावी सभा आयोजित की जा रही है। सभा युवराज क्लब में दोपहर 2 बजे आयोजित होगी। इसके बाद तीनों नेता पहले बीनागंज और फिर ब्यावरा में एक आमसभा को संबोधित करेंगे। इन सभाओं को भाजपा ने विजय संकल्प रैली का नाम दिया है, जिसके जरिए तीनों नेता शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र एवं राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। चुनावी सभा को सफल बनाने भाजपा ने बैठकें भी शुरु कर दीं है। हर कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा रही है।

सिंधिया बैठकों से मजबूत करेंगे जमीन

कांग्रेस महासचिव एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 19 मार्च को गुना के दौरे पर आ रहे है। हालांकि सिंधिया का संसदीय क्षेत्र का दौरा चार दिवसीय होकर 17 मार्च से शुरु हो जाएगा, इस दौरान वह दो दिन अशोकनगर और दो दिन गुना में रहेंगे। सांसद अपने दौरे के दौरान 19 मार्च को दोपहर में गुना विधानसभा के बरखेड़ाहाट में पोलिंग एजेंटों की बैठक लेंगे। इसके बाद ही अन्य स्थानों पर वह पोलिंग एजेंटों की बैठक लेकर कांग्रेस की जमीन मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

बसपा ने घोषित किया प्रत्याशी

भाजपा-कांग्रेस जहां अभी चुनावी तैयारियों में लगी हुई है, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। प्रत्याशी शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र से लोकेन्द्र सिंह किरार है, जो गत दिवस दौरा भी कर चुके है। वैसे शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र हो या फिर राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र दोनों में दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ही हावी रहतीं है। बसपा या समाजवाजी पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दलों की यहां जमीन तैयार नहीं हो पाई है।

स्वागत की हो रहीं जोरदार तैयारियां

विजय संकल्प रैली के दौरान आ रहे भाजपा के तीनों दिग्गज नेताओं के स्वागत की जोरदार तैयारियां चल रही है। इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। तैयारियों को बुधवार को दिन भर भाजपा कार्यकर्ता सक्रिय देखने को मिले। चुनाव के लिए तय सभा स्थल युवराज क्लब में पांडाल सजकर तैयार हो चुका है। स्वागत के क्रम में नपाध्यक्ष राजेन्द्र सलूजा द्वारा बेंहटाघाट स्थित मंदिर पर तीनों भाजपा नेताओं का स्वागत किया जाएगा। इस दौरान नपाध्यक्ष श्री सलूजा नेताओं को गदा भेंट करेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिकरवार, गुना विधायक गोपीलाल जाटव, संजू चौरसिया, महैन्द्र किरार, हेमराज किरार आदि शामिल है।

ढह चुका है किला, महल बरकरार है

गौरतलब है कि गुना जिले में चार विधानसभाएं गुना, बमौरी, राघौगढ़ और चांचौड़ा आतीं हैं। इसमें से गुना-बमौरी शिवपुरी, गुना संसदीय क्षेत्र में आती है तो राघौगढ़ और चांचौड़ा राजगढ़ संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। इसमें भी गुना-बमौरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाली सीटें है तो चांचौड़ा-राघौगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का दबदबा देखने को मिलता रहा है। हालांकि गत चुनाव में राजगढ़ लोकसभा को जीतकर भाजपा दिग्गी के किले को ढहा चुकी है, इसमे चांचौड़ा-राघौगढ़ विधानसभा में भी भाजपा को जीत मिली थी, जबकि शिवपुरी-गुना संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के पास बरकरार रहा था। हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को गुना-शिवपुरी जैसी बड़ी और शहरी विधानसभा से हार का सामना करना पड़ा था।

घटती-बढ़ता रहा है सिंधिया की जीत का अंतर

अपने पिता पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की मौत के बाद हुए उपचुनाव से सिंधिया यहां से लगातार सांसद चुनते चले आ रहे है। हालांकि इस बीच उनकी जीत का अंतर जरुर घटता-बढ़ता रहा है। पहले उपचुनाव में वर्ष 2002 में संवेदना लहर पर सवार होकर सिंधिया ने 5 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज कराई थी तो दूसरे ही चुनाव 2004 मेंं उनकी जीत का अंतर घटकर आधा रह गया था। इसके बाद वर्ष 2009 के चुनाव में इस अंतर में और कमी आई और सिंधिया की जीत महज 80 हजार पर सिमटकर रह गई। हालांकि 2014 के चुनाव में फिर उनकी जीत का अंतर बढ़कर 1 लाख मतों के पार पहुंचा। इस चुनाव में देश भर में जबर्रदस्त मोदी लहर के बावजूद प्रदेश में कांग्रेस सिर्फ दो सीट गुना और छिंदवाड़ा जीती थी।

Naveen ( 1696 )

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