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दिल्ली की सातों सीटें जीतेगी भाजपा : विजय गोयल

कांग्रेस और आप पार्टी दोनों को हराएंगे रविवार को नाकामपंथियों को घरों में बिठा देगी दिल्ली की जनता

दिल्ली की सातों सीटें जीतेगी भाजपा : विजय गोयल

नई दिल्ली। दिल्ली में नकामपंथी अव्यवस्था और अराजकता का पर्याय बन गए हैं। नकामपंथी वो हैं जो काम तो कुछ करते नहीं बल्कि व्यवस्थाओं के नाम पर सिर्फ रोना रोते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रामलीला मैदान में आप पार्टी पर की गई इस टिप्पड़ी को केंद्रीय मंत्री विजय गोयल दिल्ली के मतदाताओं तक पहुंचा रहे हैं। 12 मई को होने वाले मतदान के लिए शुक्रवार शाम प्रचार अभियान तो थम गया लेकिन जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही। गोयल सातों सीटों के लिए सातों छोर संभाले हुए हैं। भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिए वे दिन-रात एक किए हुए हैं। जिस तरह क्रिकेट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ अगर अच्छा क्षेत्ररक्षण हो तो उस टीम के मैच जीतने की संभावना बढ़ जाती हैं। उसी तरह चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार और कार्यकर्ताओं का जनता के साथ किया जाने वाला जनसंपर्क। लेकिन अगर बूथ सध गया तो समझिए चुनाव जीत लिया। भाजपा इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ते हुए बूथ प्रबंधन में जुट गई है। चुनावी व्यस्तता के बीच 'स्वदेश' के विशेष संवाददाता प्रमोद पचैरी ने दिल्ली के सियासी मिजाज को टटोलने के लिए गोयल के साथ विस्तार से चर्चा की। पेश है बातचीत के अंश-

आज चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। दिल्ली के अधिकांश लोगों को मालूम ही नहीं कि इस बार मुद्दे क्या हैं? दिल्ली का सियासी मिजाज क्या है?

गोयल- देखिए, मुद्दे तो राष्ट्रीय हैं। जनता दुबारा नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। ऐसे में अब ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं। 12 मई को दिल्ली की जनता इन नकामपंथियों को घरों में बिठा देेगी। इसके लिए आपको 23 मई तक इंतजार करना होगा।

कांग्रेस दावा कर रही है कि उसका जो वोट आप पार्टी में चला गया था, शीला दीक्षित के वापस आने से वह वोटबैंक वापस कांग्रेस में आ गया है। आप इस दावे को किस रूप में देखते हैं?

गोयल- हाँ! कुछ हद तक यह सही है। लेकिन इतना भी नहीं कि कांग्रेस सत्ता में आ जाएगी। सत्ता उसके पकड़ से कोसों दूर है। दिल्ली की जनता ने पहले शीला शासन के भ्रष्टाचार को देखा अब नाकामपंथियों की नाकामियों को।

लेकिन, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि भाजपा का राष्ट्रवाद सिर्फ छलावा है।

गोयल- केजरीवाल को क्या मालूम कि राष्ट्रवाद क्या है? वे केवल और केवल नकारात्मक राजनीति में विश्वास करते हैं। सड़कों पर अराजकता और गाली-गलौज के अलावा वे कुछ समझते ही नहीं हैं।

केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की बात करते हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाली उसी सरकार को वे समर्थन देंगे जो दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के एजंडा को पूरा करे।

गोयल - यह संभव ही नहीं है। केजरीवाल अपनी विफलताआंे का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ना चाहते हैं। सच तो यही है कि वे कुछ काम कर ही नहीं पाए हैं। केजरीवाल जनता से उतर चुके हैं। वे पूर्ण राज्य की बात करके सत्ता का दुरूपयोग करना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने उन पर आरोप लगाया है कि वे आयुष्मान योजना और सवर्ण जाति के लोगों को जारी की गईं योजनाओं का लाभ नहीं दिला रहे हैं।

गोयल - आरोप सही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई तमाम कल्याणकारी योजनाओं की उपेक्षा कर रहे हैं। जिससे दिल्ली की जनता पर्याप्त लाभ मिलने से वंचित हो रही है।

प्रधानमंत्री कांग्रेस पर लगातार हमलावर हैं। लेकिन, हर चरण में वे मुद्दे भी बदल रहे हैं। क्या भाजपा को जीत के लिए मोदी सरकार का कामकाज का आधार प्र्याप्त नहीं है?

गोयल - भाजपा मोदी के पांच साल के कामकाज को लेकर ही जनता के बीच जा रही है। प्रधानमंत्री बनने से पहले 2014 में नरेंद्र मोदी जनता की आस थे लेकिन पांच साल शासन चलाने के बाद वे जनता का विश्वास बनकर उभरे हैं। जहां तक चरणवार मुद्दे बदलने की बात है तो कुछ मुद्दे तो राष्ट्रीय हैं जबकि कुछेक राज्यों में जहां लड़ाई सीधे क्षेत्रीय दलों से है, वहां क्षेत्रीय मुद्दे उठाना लाजिमी है।

भाजपा इस बार आप से मुकाबले में है या कांग्रेस से?

गोयल - भाजपा दोनों ही पार्टियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।

दिल्ली में भाजपा को कितनी सीटों का अनुमान लगा रहे हैं?

गोयल - भाजपा सातों की सात सीटें जीत रही है। दिल्ली के लोगों में प्रधानमंत्री मोदी को लेकर जबरदस्त उत्साह है। लोग दुबारा मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।

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Swadesh Digital ( 8810 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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