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बरगद, पीपल, नीम जैसे बड़े पेड़ घरों में लगाना बोनसाई से संभव

बरगद, पीपल, नीम जैसे बड़े पेड़ घरों में लगाना बोनसाई से संभव

वेबडेस्क। हरे भरे पेड़, फूल, पौधे एवं फल हर किसी को पसंद होते हैं। बागवानी करना प्रकृति से प्रेम करने का एक बेहतर तरीका है। बागवानी से हमें अनेकों लाभ मिलते हैं जैसे घर के आसपास हरियाली होने से पर्यावरण भी शुद्ध होता है और स्वच्छ हवा भी मिलती है जो सभी के लिए लाभदायक है।

बागवानी एक ऐसा शौक है जिससे पर्यावरण के साथ साथ सेहत भी दुरुस्त रहती है। बागवानी करने से हमारी कसरत (व्यायाम) भी हो जाती है और ताजी फल, सब्जियाँ भी मिल जाती हैं। आम के आम और गुठलियों के दाम। ग्वालियर में पर्यावरण की चिंता करने वाले और बागवानी एक्सपर्ट श्री अरुण राउत से जब इस विषय पर चर्चा की तो उन्होंने बागवानी के बारे में विस्तार से बताया।

बागवानी करने वाले लोग अपने घरो में उपयुक्त स्थान ज्यादातर छत पर गार्डन तैयार कर लेते हैं। मैंने भी अपने घर की छत पर एक बगीचा बनाया हुआ है जहाँ गुलाब से लेकर बरगद के पेड़ तक शामिल हैं। साल 1992 में वर्ल्ड बौनसाई क्लब के अध्यक्ष निकुंज पारीख से बोनसाई और बागवानी की ट्रेनिंग ली। इसके बाद शहर में बौनसाई क्लब की स्थापना भी की।




बागबानी पर चर्चा करते हुए अरुण राउत ने बताया की प्रकृति प्रेमी यदि बागवानी का शौक रखते हैं तो वो अपने घरो में जगह कम होने पर भी कर सकते हैं बागवानी से पीपल, नीम और बरगद जैसे वृक्ष के पेड़ को बोनसाई विधि से लगाकर आपके ड्राइंगरूम की शोभा बढ़ा सकते हैं इनमे वही खूबियाँ रहती हैं जो बड़े वृक्षों में होती हैं। आगे बताया की बागवानी के दौरान बनाये गये पौधों में समय-समय पर खाद डालना, पेड़ो की कटिंग, जमीन की गुड़ाई आदि का विशेष ध्यान रखना चाहिए। छत के एक हिस्से में एक सुन्दर बगीचा (टेरेस गार्डन) को तैयार कर सकते हैं। इसके लिए छत के एक हिस्से में शेड डालकर छाँव कर लें और धूप आने के लिए छत के अन्य हिस्से को खुला छोड़ दें। जिससे पेड़ो को धूप के साथ छांव भी आसानी से मिल सकें। घर की छत पर टेरेस गार्डन में गमले लगाना ज्यादा बेहतर माना जाता हैं इससे प्राकृतिक सुन्दरता बढ़ने के साथ घर का वातावरण हरा - भरा शुद्ध रहता है। पौधे वातावरण में ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ते है जिससे हम अधिक स्वस्थ रह सकते हैं। श्री राउत ने बताया की वर्तमान में घर को डेकोरेट करने में बोनसाई का प्रयोग बढ़ रहा है।

बागवानी करने के लिए सबसे उपयुक्त मौसम बरसात का माना जाता हैं। बारिश के समय सभी प्रकार के पेड़ आसानी से लगाए जा सकते हैं।पौधों को दो प्रकार से लगाया जा सकता है - बीज द्वारा और कलम द्वारा लेकिन सबसे उपयुक्त तरीका बीज से पौध तैयार करना माना जाता हैं। दूसरा सबसे बेहतर तरीका कलम तैयार कर लगाना है इसके लिए पेड़ की शाखा को छीलकर उस पर विशेष रूटएक्स लगा दिया जाता है।

शुरुआत में हार्ड प्लांट्स का चयन करना चाहिए मतलब ऐसे पेड़ जिन्हें ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती क्योकि शुरूआती समय में यदि आप पेड़ो में पानी डालना भूल भी जाए तो वह पेड़ आसानी से सर्वाइव कर सकते हैं।


घरों में लगाने वाले पौधे -

आयुर्वेदिक महत्व : इस दृष्टि से बात की जाये तो सभी पौधों का अपना महत्व है लेकिन घरों में लगाने हेतु कुछ चुनिन्दा पौधे है जिन्हें लगाया जा सकता है जैसे मीठा नीम का पौधा इसकी पत्तियां खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके अलावा तुलसी, आंवला, ग्वारपाठा आदि कई पौधे हैं जो आसानी से घरो में लगा सकते हैं। जिनका आयुर्वेद में बहुत महत्व हैं।

वास्तु महत्व : यदि हम वास्तु की बात करें तो कुछ पौधे ऐसे भी हैं जिन्हें घरों में लगाना कई कारणों से अशुभ माना जाता है वहीँ कुछ पौधों को घरो में लगाना अत्यंत शुभ बताया गया है। ऐसे ही पेड़ है तुलसी, केला, वैजन्ती, नीम, अकौआ और आंवला को वास्तु के हिसाब से घरो में लगाना शुभ माना जाता है वहीँ दूसरी और नीबू, केक्टस व अन्य कांटेदार पेड़ो को घरो मे लगाना शुभ नहीं माना जाता। शास्त्रों में कहा गया है की घर में नीबू व अनार का पेड़ नहीं लगाना चाहिए इससे घर में नकरात्मक प्रभाव पड़ता हैं।



ऐसे लगाएं गमले में पौधा

यदि आप घर में कोई पौधा लगा रहें हैं तो सबसे पहले गमलों का चयन करें आप मिट्टी का गमला ले सकते हैं, यह अन्य गमलो से बेहतर होते हैं। पौधा लगाने के लिए सबसे पहले मिट्टी निकाल दें। हो सके तो इसे 2-3 दिनों तक धूप में खुला छोड़ दें। इससे मिट्टी में मौजूद कीड़े-मकोड़े और फफूंद खत्म हो जायेगी। फिर मिट्टी में कंपोस्ट खाद या गोबर की खाद अच्छी तरह मिलाकर गमलों में भर दें। पौधा लगाकर गमले को ऊपर से करीब एक-तिहाई खाली रखें ताकि पानी डालने पर मिट्टी बाहर ना निकले।

बागवानी के दौरान बातों का रखे ध्यान

बागवानी करते समय पेड़ो में पानी और मिट्टी के साथ खाद भी बहुत जरुरी होती हैं। पेड़ो में केंचुए और गोबर की खाद डालना चाहिये।इसके साथ ही घर पर भी हम अपनी किचिन से निकलने वाले कचरे से बनी खाद को भी पेड़ में डालना चाहिये। इसमें लगने वाले कीड़ो से बचाव करना चाहिए।

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Prashant Parihar ( 0 )

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