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भारत इनोवेशन इंडेक्स (III) 2019 में कर्नाटक अव्‍वल, टॉप तीन में तमिलनाडु और महाराष्‍ट्र शामिल

भारत इनोवेशन इंडेक्स (III) 2019 में कर्नाटक अव्‍वल, टॉप तीन में तमिलनाडु और महाराष्‍ट्र शामिल

नई दिल्ली। नीति आयोग ने इंस्टी्ट्यूट फॉर कम्पीटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धी क्षमता के लिए संस्थान) के साथ मिलकर 'भारत इनोवेशन इंडेक्स। (III) 2019' को गुरुवार को लॉन्च किया। यहां दिल्ली में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में नी‍ति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, ईओ अमिताभ कांत और अमित कपूर की मौजूदगी में इसे जारी किया गया।

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना और हरियाणा को इनोवेशन (नवाचार) में शीर्ष पांच राज्यों में स्थान दिया गया है। इंडिया इनोवेशन इंडेक्स में कर्नाटक सर्वाधिक उन्नत राज्य की सूची में पहले पायदान पर है। कर्नाटक के अलावा सूची में देश के शीर्ष 10 प्रमुख राज्यों में शामिल राज्य क्रमश: तमिलनाडु, महाराष्ट्र, तेलंगाना, हरियाणा, केरल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात और आंध्र प्रदेश हैं। यह सभी राज्य, मुख्य रूप से दक्षिण एवं पश्चिम भारत में केंद्रित हैं।

इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में सिक्किम सूची में शामिल है। पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा छोटे राज्यों में दिल्ली भी सूची में शामिल है। साथ ही कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश कच्चे माल को उत्पादों में तब्दील करने के मामले में सर्वाधिक दक्ष राज्य के तौर पर सूची में शामिल हैं।

इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डा. राजीव कुमार, नीति आयोग के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत, विज्ञान विभाग में सचिव आशुतोष शर्मा, जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव रेणु स्वरूप और आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा की उपस्थिति में इंडिया इनोवेशन सूचकांक को जारी किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए कुमार ने उम्मीद जताई कि भारत नवाचार सूचकांक दरअसल नवाचार परिवेश के विभिन्न हितधारकों के बीच सामंजस्‍य सृजित करेगा और भारत आगे चलकर प्रतिस्पर्धी क्षमता वाले सुशासन की ओर अग्रसर हो जाएगा। वहीं, अमिताभ कांत ने कहा कि दुनिया में अग्रणी अभिनव देश बनने के लिए अपनी असंख्य चुनौतियों के बीच भारत के पास एक अनूठा अवसर है।

रेणु स्वरूप ने कहा कि प्रतिस्पर्धी क्षमता के केंद्रीय बिन्दु के रूप में क्लस्टर आधारित नवाचार से लाभ उठाया जाना चाहिए। आशुतोष शर्मा ने कहा कि देश में नवाचार के माहौल को बेहतर बनाने के लिए ये सूचकांक एक बड़ी शुरुआत है। क्योंकि यह अभिनव आइडिया के कच्चे माल एवं उत्पाद दोनों से ही जुड़े घटकों पर फोकस करता है। वैद्य कोटेचा ने कहा कि यह सूचकांक एक-दूसरे के साथ राज्य के प्रदर्शन के मानकीकरण और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छा प्रयास है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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