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मोदी ने मुख्यमंत्रियों से मांगा विकास का साथ, सामने रखी चुनौती और उपलब्धियां

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित हो रहे देश की तस्वीर पेश करते हुए मुख्यमंत्रियों को मौजूदा चुनौतियों से भी अवगत कराया।

मोदी ने मुख्यमंत्रियों से मांगा विकास का साथ, सामने रखी चुनौती और उपलब्धियां

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित हो रहे देश की तस्वीर पेश करते हुए मुख्यमंत्रियों को मौजूदा चुनौतियों से भी अवगत कराया। उनसे सहयोग की अपेक्षा करते हुए मोदी ने कहा कि देश की विकास दर 7.7 प्रतिशत है और हमारे सामने चुनौती विकास दर को दोगुना करने की है। 17 हजार गांवों तक विकास का लक्ष्य पूरा किए जाने का ब्यौरा रखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा राजनीतिक रूप से विशेष पैकेज और विशेष दर्जा की मांग करने वाले मुख्यमंत्रियों और राज्यों को यह कहते हुए आईना दिखाया कि पहले की सरकार राज्यों को सिर्फ 5 लाख करोड़ देती थीं, हम 11 लाख करोड़ दे रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश, बिहार, सिक्किम, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से कृषि एवं ग्रामीण रोजगार योजनाओं के विषय पर समेकित नीति अपनाकर साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन से लोगों के जीवन में एक व्यवहारिक परिवर्तन भी आ रहा है। उन्होंने कहा कि यूरिया की नीम कोटिंग, उज्ज्वला योजना, जन धन खातों और डेबिट कार्ड से लोगों के जीवन में सुधार हो रहा है। मोदी ने कहा कि समाज के विकास में मुख्यमंत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें अंतिम व्यक्ति की पहचान करके उसे लाभ पहुंचाने के काम करना है।

राज्यों को हर तरह की मदद मिलेगी

मोदी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित राज्यों को केंद्र सरकार सभी तरह की सहायता देगी। जीएसटी की बेहतर शुरुआत के लिए प्रधानमंत्री ने अपनी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य किसानों की आमदनी दोगुनी करना है, साथ ही पिछड़े जिलों का विकास करना, आयुष्मान भारत, मिशन इन्द्रधनुष, न्यूट्रिशन मिशन और महात्मा गांधी की 150वीं जन्मशती के कार्यक्रम की तैयारियां इस बैठक का एजेंडा हैं। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला, सौभाग्य, उजाला, जनधन, जीवन ज्योति योजना, सुरक्षा बीमा योजना और मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाओं के व्यापक फैलाव को लक्ष्य करना उद्देश्य है।

मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को राज्यों में नीति के पालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्हें स्व'छ भारत, डिजिटल ट्रांजेक्शन और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर सह-समूह और कमेटियां बनाकर नीति का पालन करवाना होगा। सह-समूह के विकास के लिए केन्द्रीय मंत्रालयों ने पूरा फार्मेट तैयार किया है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा को अपनाने के लिए व्यापक एप्रोच अपनानी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को 11 लाख करोड़ रुपए केन्द्र से मिल रहे हैं जो पिछली सरकार से 6 लाख करोड़ रुपए ज्यादा हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि न्यू इंडिया 2022 के विजन का संकल्प देश का संकल्प बन गया है। प्रधानमंत्र ने कहा कि आयुष्मान भारत में 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण होगा। साथ ही 10 करोड़ परिवारों को हर साल 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने 115 जिलों में मानव विकास के मानकों को बेहतर करने की ज़रूरत पर बल दिया।

लोस-विस साथ चुनाव का रखा एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नीति आयोग की बैठक में एकबार फिर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव साथ कराने की बात कही। उनकी तरफ से चुनाव में होने वाले खर्च का ब्यौरा रखते हुए इस पर साथ में विचार-विमर्श करने का प्रस्ताव रखा। मोदी की तरफ से कहा गया कि इसमें कई पहलुओं को ध्यान में रखने की जरूरत है। यह वित्तीय बचत व संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में बड़ा कदम होगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, 2009 के आम चुनाव में 1,100 करोड़ रुपए खर्च हुए, जबकि 2014 के चुनाव में 4,000 करोड़ रुपए खर्च हुए। मालूम हो कि 2017 में नीति आयोग की बैठक में भी मोदी द्वारा मुख्यमंत्रियों के समक्ष साथ चुनाव कराने की बात कही गई थी। इसके अलावा वह हर उपयुक्त मंच से यह बात उठाते रहे हैं।





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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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