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मन की बात में बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 45वीं बार मन की बात के जरिए देशवासियों से बात की। प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम में इस बार खास तौर पर योग, खेल और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में चर्चा की।

मन की बात में बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

जीएसटी से बिचौलिए की भूमिका हुई खत्म

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 45वीं बार मन की बात के जरिए देशवासियों से बात की। प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम में इस बार खास तौर पर योग, खेल और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में चर्चा की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि योग अब राष्ट्र, जाति और धर्म की सीमाओं को तोड़कर सबको एक कर रहा है। प्रधानमंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अखंड भारत का सपना देखा। प्रधानमंत्री ने जीएसटी को एक बार फिर देश के लिए महत्वपूर्ण सुधार बताया।

प्रधानमंत्री ने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि 23 जून को देश के सपूत डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी। उनकी जीवन कई क्षेत्रों से जुड़ा रहा, लेकिन खास तौर पर शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने काफी काम किया। वह सिर्फ 33 साल की उम्र में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर बने। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत की औद्योगिक तरक्की की नींव रखने के लिए भी डॉक्टर मुखर्जी को हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने मुखर्जी की राष्ट्रवाद की अवधारणा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की अखंडता के पुरजोर समर्थक थे। उन्होंने देश की अखंडता के लिए मुखर तरीके से आवाज उठाई। उनके प्रयासों की बदौलत ही बंगाल का एक हिस्सा आज भारत का अखंड हिस्सा बन गया है। 52 साल की उम्र में उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जान गंवा दी। हम सबको देश के इस महापुरुष को याद करना चाहिए।

जीएसटी को एक बार फिर बड़ा आर्थिक सुधार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे बिचौलिए की भूमिका खत्म हो गई है। देश के ईमानदार लोगों में जीएसटी को लेकर उत्साह का माहौल है। मुझे देश भर से लोगों के संदेश इस महत्वपूर्ण कर सुधार को लेकर मिलते रहते हैं। जीएसटी के एक साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि वन नेशन वन टैक्स एक सपना था, लेकिन जीएसटी से वह सपना सच हो गया।

प्रधानमंत्री ने योग का जिक्र करते हुए कहा कि खेल और योग के जरिए हमारे जीवन को विस्तार मिलता है। उन्होंने अफगानिस्तान और भारतीय टीम के बीत टेस्ट मैच का जिक्र करते हुए दोनों टीमों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा, अहमदाबाद में एक दृश्य को मन को छू लेनेवाला था जब दिव्यांग साथियो ने शारीरिक बाधा पार कर योग किया। हमारे सेना के जवानों ने हिमालय की चोटी पर नदी के अंदर भी योग किया।




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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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