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जेपी नड्डा बोले - कांग्रेस और वामपंथियों के लिए वोट पहले, देश बाद में

जेपी नड्डा बोले - कांग्रेस और वामपंथियों के लिए वोट पहले, देश बाद में

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन दलों के लिए वोट पहले है और देश बाद में, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए देश पहले है और वोट बाद में है।

नड्डा ने यहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के समर्थन में भारतीय बौद्ध संघ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने जो भी फैसले लिए वो वोटबैंक की राजनीति के चलते लिए और वह समस्याओं को उलझाकर राजनीति करती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा धर्म के आधार पर किया था। उस वक्त 20वीं सदी का सबसे बड़ा नरसंहार भी हुआ था। तब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि जो लोग पाकिस्तान से भगाए जा रहे हैं, उन्हें हम रिलीफ फंड से सहायता देंगे। महात्मा गांधी जी ने कहा था कि जो लोग उधर से इधर आ रहे हैं उनकी चिंता करना भारत सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि डॉ अंबेडकर ने उस समय बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा था कि जो लोग पाकिस्तान से भगाये जा रहे हैं, उनकी चिंता की जानी चाहिए और हमें कानून ऐसे बनाने चाहिए जो इनकी चिंता करे और इनको संभाल कर रखे।

नड्डा ने कहा कि इंदिरा गांधी ने भी कहा था कि जो लोग वहां से प्रताड़ित होकर आए हैं उनको शरण देना भारत की जिम्मेदारी है। 2003 में मनमोहन सिंह ने भी यही कहा था।

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश के संविधान में कहा गया कि भारत प्रजातंत्र होगा और धर्मनिरपेक्ष देश होगा। पाकिस्तान ने फैसला लिया था कि वो पाकिस्तान को इस्लामिक देश बनाएंगे। यानी वो इस्लाम धर्म मानेंगे। जबकि भारत में कई मुस्लिम भाई राष्ट्रपति, चीफ जस्टिस, राज्यपाल बने और भारत में मुस्लिमों की आबादी 3 प्रतिशत से बढ़कर 14 प्रतिशत हो गई। हमने धर्म निरपेक्षता का पूरा पालन किया । इसके उलट पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 23 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो गई। आखिर 20 प्रतिशत लोग कहां गए।

नड्डा ने कहा कि जो लोग भारत में आये हैं उनमें 70 से 80 प्रतिशत दलित हैं, वो भारत आ चुके हैं और काफी समय से यहां रह रहे हैं।लेकिन उनके बच्चे का स्कूल में एडमिशन नहीं हो सकता था । उन्हें अन्य कोई सरकारी सुविधाएं मिलती थी, क्योंकि उनके पास भारत की नागरिकता नहीं थी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तय किया कि 31 दिसंबर 2014 तक जो लोग भारत आ गए हैं और जो भारत में आने का प्रमाण दे देगा, उसे हम नागरिकता दे देंगे। यही नागरिकता क़ानून हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सीएए का विरोध कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वह नागरिकता संशोधन कानून पर 10 लाइनें बोलकर दिखा दें।

भाजपा नेता ने कहा कि ये दुर्भाग्य है देश का कि बिना जाने, बिना समझे कुछ लोग अपनी बुद्धिमत्ता का प्रयोग करते हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

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Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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