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अब 01 सितम्बर की शाम को चांद की पांचवीं कक्षा में पहुंचाया जाएगा चंद्रयान-2

चांद तक पहुंचने के चौथे पायदान पर चढ़ा भारत

अब 01 सितम्बर की शाम को चांद की पांचवीं कक्षा में पहुंचाया जाएगा चंद्रयान-2

नई दिल्ली। भारत आखिरकार शुक्रवार की शाम को 6.18 बजे चांद तक पहुंचने के चौथे पायदान पर चढ़ गया। दरअसल भारतीय अं​​तरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान 2 चांद की चौथी कक्षा में प्रवेश करा दिया। इसके बाद अब चंद्रयान-2 चांद के चारों तरफ 126 किमी. की एपोजी (चांद से सबसे कम दूरी) और 164 किमी की पेरीजी (चांद से ज्यादा दूरी) में चक्कर काटेगा।

चंद्रयान-2 ने 28 अगस्त को सुबह 9.04 बजे चांद की तीसरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया था। इसी कक्षा में चांद के चारों तरफ 179 किमी की एपोजी और 1412 किमी की पेरीजी में 2 दिनों तक चक्कर लगाने के बाद चंद्रयान-2 आज शाम 6.18 बजे चौथी कक्षा में पहुंच गया। अब चंद्रयान-2 को 01 सितम्बर की शाम 6.00-7.00 बजे के बीच पांचवीं कक्षा में डाला जाएगा। चांद के चारों तरफ 4 बार कक्षाएं बदलने के बाद चंद्रयान-2 से विक्रम लैंडर बाहर निकल जाएगा और अपने अंदर मौजूद प्रज्ञान रोवर को लेकर चांद की तरफ बढ़ना शुरू करेगा। 3 सितम्बर को इसरो वैज्ञानिक 3 सेकंड के लिए विक्रम लैंडर का इंजन ऑन करके उसकी कक्षा में मामूली बदलाव करेंगे ताकि यह पता चल सके कि विक्रम लैंडर ठीक ढंग से कार्य कर रहा है या नहीं।

इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर को 4 सितम्बर को चांद के सबसे नजदीकी कक्षा में पहुंचाएंगे। अगले तीन दिनों तक विक्रम लैंडर इसी कक्षा में चांद का चक्कर लगाता रहेगा। इस दौरान इसरो वैज्ञानिक विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के सेहत की जांच करते रहेंगे। उसके बाद सात सितम्बर को फाइनल लैंडिंग की जाएगी। सात सितम्बर को सुबह 1:55 बजे लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर सतह पर लैंड करेगा। चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले लैंडर संबंधी दो कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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