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राजस्थान में हिंसक हुआ गुर्जर आंदोलन: पुलिस के तीन वाहन फूंके, चार पुलिसकर्मी चोटिल

- सोमवार को एनएच-12 टोंक-कोटा-जयपुर मार्ग पर जाम लगाने का ऐलान - दिल्ली-मुम्बई रूट की 26 से अधिक ट्रेनों का रूट बदला, 13 फरवरी तक 26 ट्रेनें रद्द -मुख्यमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील

राजस्थान में हिंसक हुआ गुर्जर आंदोलन: पुलिस के तीन वाहन फूंके, चार पुलिसकर्मी चोटिल

जयपुर। राजस्थान में गुर्जर आरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन रविवार को तीसरे दिन हिंसक हो उठा। प्रदेश के विभिन्न इलाकों में हुई अलग-अलग महापंचायतों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाने का निर्णय होने के बाद धौलपुर में आगरा-मुम्बई हाइवे पर रविवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।

आंदोलनकारियों ने सड़क पर यातायात जाम कर दिया। पुलिस के तीन वाहनों को आग लगा दी। पुलिस ने आंदोलनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े। उग्र आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें चार पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। आंदोलन के मद्देनजर करौली और धौलपुर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हालात पर चिंता जताते हुए गुर्जर समाज से शांति बनाए रखने की अपील की है। इधर, आंदोलन के अगुवा कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा। हालांकि आंदोलन में छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुर्जरों को उग्र करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दोबारा ऐसी घटना होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

गुर्जर आन्दोलन के तीसरे दिन धौलपुर में उग्र हुई भीड़ ने रविवार दोपहर आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे संख्या-3 पर जाम लगा दिया। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिस ने जब भीड़ को रोकने की कोशिश की तो नारेबाजी करते हुए आन्दोलनकारियों ने हाईवे पर खड़ी पुलिस की तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में लाठियां भांजते हुए हवाई फायरिंग का सहारा लिया। पुलिस ने आंदोलनकारियों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस पर आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। चार पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। पुलिस ने कई थानों से जाप्ता मंगवाया है। डीएम नेहा गिरी, एसपी अजय सिंह के साथ मौके पहुंचे हैं।

जिन पटरियों पर दौड़ती थीं ट्रेनें, वहां अब दौड़ रही जीपें

पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में दिल्ली-मुबंई रेलवे ट्रैक पर जिद पकड़ बैठे गुर्जर आंदोलनकारी तीसरे दिन रविवार को भी जमे हैं। आंदोलनकारियों ने रेल पटरियों पर तम्बू तान लिये हैं। जिन पटरियों पर तीन दिन पहले तक ट्रेनें गुजरा करती थीं, वहां अब आंदोलनकारियों तक पहुंचाने के लिए जीपें घूम रही हैं। शनिवार को सरकार की तरफ से पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह व कोऑपरेटिव रजिस्ट्रार नीरज के. पवन गुर्जरों को मनाने मलारना ट्रैक पहुंचे, लेकिन वार्ता विफल हो गई। गुर्जर आंदोलन के कारण दो दर्जन से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई हैं तथा कई जगह सड़कों पर यातायात जाम कर दिया। रेलवे और रोडवेज ने हालांकि यात्रियों को गंतव्य पर पहुंचाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए हैं, लेकिन यात्रियों को सफर में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

पर्यटन मंत्री ने सीएम गहलोत से की बातचीत

पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, आईएएस नीरज के. पवन, भरतपुर आईजी भूपेंद्र साहू, सवाईमाधोपुर जिला कलेक्टर डॉ. एसपी सिंह, पुलिस अधीक्षक समीर सिंह आंदोलन से उपजी स्थितियों के बीच आपस में चर्चा कर रहे हैं। पर्यटन मंत्री सिंह ने भी सीएम अशोक गहलोत से बातचीत की है। दोनों के बीच टेलीफोन पर गुर्जर आंदोलनकारियों से हुई बातचीत साझा की गई है। पर्यटन मंत्री ने सीएम को हालात की जानकारी दी है। उन्होंने सीएम से आगे के लिए दिशा-निर्देश मांगे है। सीएम ने उनसे हालात पर नजर रखने को कहा है। इधर, आसींद में आरक्षण की मांग को लेकर नेशनल हाईवे पर डेरा डालकर यातायात जाम कर दिया गया है।

सीएम ने ली हालात की जानकारी

दो दिनों के दिल्ली के दौरे से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार दोपहर बाद जयपुर पहुंचे। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, डीजीपी कपिल गर्ग, एसीएस सहित कई अधिकारी स्टेट हैंगर पहुंचे। सीएम गहलोत यहां से कारगेट के साथ निकले। उन्होंने चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा से हालात का फीडबैक लिया है। धौलपुर घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने गुर्जर समाज से शांति बनाए रखने की अपील की।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कर्नल बैंसला ने भी शांति के लिए कहा है, तब धौलपुर में पुलिस की गाड़ियों को जलाना ठीक नहीं है।

दिल्ली से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे सीएम ने कहा कि सरकार गुर्जरों से वार्ता के लिए तैयार है, आंदोलन करना अलग बात है लेकिन रेल की पटरी पर बैठना ठीक नहीं है। गुर्जरों को वार्ता के लिए आगे आना चाहिए। पहले भी गुर्जर समाज वार्ता के लिए आगे चलकर आए थे तो वार्ता हुई थी। सरकार इनका आदर करती है। जब भी गुर्जर वार्ता के लिए आगे आए, फैसले अच्छे हुए हैं।

पांच फीसदी आरक्षण लेकर ही वे उठेंगे

गुर्जर आंदोलनकारियों का कहना है कि पांच फीसदी आरक्षण लेकर ही वे उठेंगे, जबकि राज्य सरकार का तर्क है कि पांच फीसदी आरक्षण देना केन्द्र सरकार का संवैधानिक अधिकार है। राज्य के स्तर पर अगर उनकी कोई समस्या है तो उसे दूर किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि गुर्जर समाज सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश के लिए गुर्जर, रायका रेबारी, गडिया, लुहार, बंजारा और गड़रिया समाज के लोगों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। वर्तमान में गुर्जरों को अति पिछड़ा श्रेणी के तहत एक प्रतिशत आरक्षण अलग से दिया जा रहा है।

रेल व सड़क यातायात प्रभावित

रेल और सड़क मार्ग पर आंदोलनकारियों के धरने के कारण कई जिलों में यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के कई जिलों में इसके कारण जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा है। सवाई माधोपुर में रविवार को भी पांच सौ के करीब आंदोलनकारी पटरियों पर जमे हुए हैं, जिनकी संख्या हर दिन दोपहर तक दो से ढाई हजार तक पहुंच जाती है। सरकार की ओर से आरक्षण पर कोई फैसला नहीं करने के विरोध में निवाई में हुई गुर्जर पंचायत में सोमवार को एनएच-12 टोंक-कोटा-जयपुर मार्ग पर यातायात जाम करने का फैसला किया गया है। एनएच-148 पर परासोली गांव के पास जाम लगा दिया। युवा आरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी की गई। जाम लगाने के कारण दोनों तरफ का यातायात बुरी तरह से बाधित हो गया।

अजमेर में गुर्जर नेताओं ने टायर जलाकर रास्ता जाम कर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुर्जर समाज की महिलाएं और पुरुष मौजूद हैं और आरक्षण की मांग को लेकर नारेबाजी कर रही हैं। जाम की वजह से हाईवे पर वाहनों की कतारें लगी हैं। उत्तर पश्चिम रेल प्रशासन ने इसके चलते दो ट्रेनों को रद्द कर नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है।

कई ट्रेनें रद्द, कई का रूट बदला

उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि आंदोलन के कारण उदयपुर से हजरत निजामुद्दीन और हजरत निजामुद्दीन से उदयपुर के बीच चलने वाली रेलगाड़ी को रद्द कर दिया गया है। इसी खंड में सात ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है और दो ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। गुर्जर आंदोलन का असर पश्चिम मध्य रेलवे की कुछ सेवाओं पर भी देखा गया है। वहां कम से कम दो ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। दिल्ली-मुम्बई से जाने वाली 26 से अधिक ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है, वहीं 13 फरवरी तक 26 ट्रेनों को रद्द किया गया है। ट्रेनों को डायवर्ट करने के बाद अब अधिकतर ट्रेन आगरा कैंट-बीना-झांसी होते हुए जा रही है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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