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अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चार और याचिकाएं दायर

अनुच्छेद 370 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चार और याचिकाएं दायर

नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 को लेकर चार और याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं। इस तरह अब तक कुल पाच याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। जिन लोगों ने याचिका दायर की हैं, उनमें जम्मू कश्मीर से नेशनल कांफ्रेंस के सांसद मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी, कश्मीर के वकील शाकिर शब्बीर, वकील मनोहर लाल शर्मा, दिल्ली में जामिया युनिवर्सिटी से लॉ ग्रेजुएट मोहम्मद अलीम और कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन शामिल हैं।

नेशनल कांफ्रेंस के सांसद मोहम्मद अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने राज्य का विशेष दर्जा खत्म करने के खिलाफ याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विधानसभा की सिफारिश के बिना अनुच्छेद 370 को बेअसर करने वाला संविधान संशोधन वैध नहीं है। कोर्ट इसे रद्द करार दे।

वकील मनोहर लाल शर्मा ने अपनी याचिका में कहा है कि राष्ट्रपति के आदेश के जरिए इसे निरस्त करना असंवैधानिक है। सरकार को इसे हटाने के लिए संसदीय रास्ता अख्तियार करना चाहिए था।

उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त को एक आदेश के तहत अुनच्छेद 370 को हटाने की घोषणा की गई। इसके बाद केंद्र सरकार के प्रस्ताव को राज्यसभा में पास कर दिया गया। राज्यसभा के बाद लोकसभा ने भी इस संशोधन को पारित कर दिया।

कश्मीरी वकील शाकिर शब्बीर ने अपनी याचिका में कहा है कि अुनच्छेद 367 में संशोधन कर जिस तरीके से अुनच्छेद 370 को खत्म किया गया, वह असंवैधानिक है। इसे केवल संसद ही कर सकती है। याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रपति का आदेश अुनच्छेद 370(1)(डी) के तहत जारी किया गया था। 370(1)(डी) धारा 1, 238 और 370 पर लागू नहीं किया जा सकता है। इसलिए अुनच्छेद 370(1)(डी) के तहत जारी राष्ट्रपति का आदेश ही असंवैधानिक था। अुनच्छेद 370 पर संशोधन संसद के जरिए ही किया जा सकता है।

कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन ने अपनी याचिका में कहा है कि राज्य में पत्रकारों को बिना बाधा के रिपोर्टिंग के लिए व्यवस्था की जाए। याचिका में जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट, मोबाइल और फोटो जर्नलिस्ट और रिपोर्टर्स के मूवमेन्ट पर रोक को चुनौती दी गई है।

जम्मू-कश्मी के रहने वाले और जामिया से लॉ ग्रेजुएट मोहम्मद अलीम ने सुप्रीम कोर्ट में अपने माता-पिता और भाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकादायर किया है। याचिका में कहा गया है कि अुनच्छेद 370 पर फैसले के बाद से ही उन्हें अपने घरवालों की कोई सूचना नहीं, उनसे सम्पर्क नहीं हो पा रहा। अलीम अभी दिल्ली में रह रहे हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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