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सेना का अपमान करने के लिए कांग्रेस नेताओं में होड़

सेना का अपमान करने के लिए कांग्रेस नेताओं में होड़

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बालाकोट आतंकी शिविर पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेताओं की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि विपक्षी नेताओं के बयान से बड़ी पीड़ा हुई है और उन्हें बताना चाहिए कि भारतीय सेना, वायुसेना पर उनको भरोसा है या नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में इस बात की होड़ मची है कि सेना का अपमान करने के लिए कौन कितनी गिरी हुई भाषा का इस्तेमाल कर सकता है।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, पी. चिदंबरम और कपिल सिब्बल के बयानों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान से बहुत पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिग्विजय सिंह अपने बयानों का स्तर गिरा रहे हैं उसे देखकर पीड़ा हो रही है। दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश में 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन वह आज ऐसे शब्द प्रयोग कर रहे हैं कि उन्हें सुनकर दुख हो रहा है। प्रसाद ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने पुलवामा आतंकी हमले की तुलना दुर्घटना से की है। उन्होंने सवाल किया कि क्या दिग्विजय सिंह का स्तर इतना गिर गया है कि वह जघन्य आतंकी हमले को महज दुर्घटना बताने लगे हैं, जबकि जाकिर नाईक को वह मानवता का मसीहा कहते है। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को भारतीय सेना पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस नेताओं को भारतीय आर्मी और वायु सेना पर विश्वाश नहीं है लेकिन दूर कहीं कुछ छपता है तो उन पर विश्वास है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम पर को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह 10 साल तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री रहे हैं। अंग्रेजी के विद्वान और देश के बड़े वकील हैं और इन दिनों निजी परेशानियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिदंबरम ज्यादा अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति हैं और विदेशी मीडिया का जिक्र करते हैं। चिदंबरम को जवाब देना चाहिए कि उन्हें देश की वायुसेना पर भरोसा है या नहीं?

रविशंकर ने कांग्रेस पर सेना और सैनिकों की शहादत के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि इस वक्त कांग्रेस नेताओं में इस बात की होड़ मची है कि सेना का अपमान करने के लिए कौन कितनी गिरी हुई भाषा का इस्तेमाल कर सकता है। इस होड़ में कपिल सिब्बल भी शामिल हैं, जो विदेश में भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों से कोई सबूत नहीं मांगते लेकिन सेना के शौर्य पर सबूत मांगते हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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