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नवोदय विद्यालय में बढ़ेंगी 5 हजार सीटें, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

नए शैक्षणिक सत्र से ग्रामीण क्षेत्रों के 51 हजार प्रतिभाशाली बच्चे ले सकेंगे दाखिला

नवोदय विद्यालय में बढ़ेंगी 5 हजार सीटें, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में नए शैक्षणिक सत्र से पांच हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाने के फैसले को मंजूरी दे दी है। इससे जेएनवी की कुल छात्र क्षमता अब 51 हजार तक पहुंच जाएगी। सरकार के इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को आवासीय विद्यालय में दाखिला के लिए पर्याप्त सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) में 5 हजार सीटों की वृद्धि की मंजूरी की घोषणा की। वर्तमान में जेएनवी में प्रतिभाशाली ग्रामीण बच्चों के आवासीय विद्यालयों में सीटों की संख्या 46600 है। पांच हजार सीटों के अतिरिक्त का अर्थ होगा 2019-20 से 51 हजार सीटों की उपलब्धता। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस 5 हजार की वृद्धि के साथ अब तक कुल 14 हजार सीटें इन विद्यालयों में बढ़ा चुकी है। उन्होंने कहा कि अगले चार साल में सरकार द्वारा 32 हजार और सीटें जोड़ने की संभावना है।

जावड़ेकर ने कहा कि यह सही दिशा में एक कदम है। यह ग्रामीण छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सबसे बड़ा विस्तार है। उन्होंने कहा कि जेएनवी का यह अभूतपूर्व विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण निशुल्क शिक्षा प्रदान करने का अधिक अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि देश में नवोदय एकमात्र शिक्षा प्रणाली है जहां छात्र कक्षा छह में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा देते हैं। 2001 में कक्षा छह के लिए प्रवेश परीक्षा के लिए 5.50 लाख अभ्यर्थी उपस्थित हुए। वर्षों से प्रवेश परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। 2019 की प्रवेश परीक्षा के लिए 31.10 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले पांच सालों में नवोदय विद्यालय में पास प्रतिशत की बात करें तो कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं में 97 प्रतिशत दर्ज किया है, जिसमें 88 प्रतिशत ने प्रथम श्रेणी हासिल की हैं। यह आंकड़ा निजी स्कूलों और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। (हि.स.)

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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