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अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में सुरक्षा-व्यवस्था के चौकस इंतजाम, डोभाल ने कश्मीर में डाला डेरा

-केंद्र को भेजी रिपोर्ट में बताया-घाटी में हालात सामान्य - जम्मू व कश्मीर में धारा 144 जारी, स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठान व यातायात बंद - खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कोर समूह की बैठक में हुई राज्य में सुरक्षा उपायों पर चर्चा - जम्मू-कश्मीर से छिटपुट विरोध और हिंसा की खबरें, 9 स्थानों पर पत्थरबाजी - मुख्यधारा के एक दर्जन नेताओं व अलगाववादियों को घरों में ही किया गया नजरबंद

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में सुरक्षा-व्यवस्था के चौकस इंतजाम, डोभाल ने कश्मीर में डाला डेरा

जम्मू। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में सुरक्षा-व्यवस्था के चौकस इंतजाम किये गए हैं ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने मंगलवार से श्रीनगर में डेरा डाल दिया है और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें करके हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वह केंद्र के फैसले को सही तरीके तक लागू होने तक वहां ही रहेंगे। जम्मू-कश्मीर में इस वक्त कड़ी नगरानी रखी जा रही है लेकिन इसके बावजूद श्रीनगर के सब्जी मंडी स्थित 9 इलाकों में पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं हैं। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तरी कमान के कमांडिग इन चीफ जनरल ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने श्रीनगर में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कोर समूह की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें राज्य में सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई।

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर से छिटपुट विरोध और हिंसा की खबरें हैं। जम्मू-कश्मीर में इस वक्त कड़ी नगरानी रखी जा रही है लेकिन इसके बावजूद श्रीनगर के सब्जी मंडी इलाके में कुछ लड़कों ने पत्थरबाजी की है। इसके अलावा 90 फ़ीट रोड, हाजी बाग कैंप, सोम्यार मंदिर, इस्लामियां कॉलेज, छोटा बाजार, हमदानियां ब्रिज, जेवीसी, बेमिना और पॉवर ग्रिड के पास भी पत्थरबाजी की घटनाएं हुई हैं।

इस बीच कश्मीर घाटी में सुरक्षा की समीक्षा को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और गृह सचिव राजीव गौबा श्रीनगर पहुंच गए हैं। योजना आयोग ने जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर में तीन महीने का खाने-पीने का स्टॉक जमा कर दिया गया है। डोभाल और राजीव गौबा हर जानकारी केंद्र सरकार को दे रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट भेजकर कहा है कि कश्मीर में हालात सामान्य हैं। अजीत डोभाल ने अपनी रिपोर्ट में केंद्र को बताया कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने के केंद्र के फैसले का कश्मीर के लोगों ने व्यापक स्वागत किया है। जम्मू और कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति है और किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है और न ही कोई आंदोलन हुआ है। लोग आवश्यक कार्यों के लिए आसानी से आ जा रहे हैं। अजीत डोभाल ने कहा कि अमित शाह द्वारा जम्मू-कश्मीर के फिर से राज्य बनने के बयान से स्थानीय लोग आश्वस्त महसूस कर रहे हैं।

दूसरी ओर उत्तरी कमान के जनरल कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने मंगलवार को श्रीनगर में कोर ग्रुप आफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी, एजेसियों की बैठक बुलाकर उन्हें सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने सीमा पर भी चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सैन्य सूत्रों के अनुसार कश्मीर में बदले समीकरण के बीच पाकिस्तान यहां शांति का माहौल बिगाड़ने के लिए बड़ी वारदात को अंदाज दे सकता है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा से सटे पाकिस्तान के इलाकों में आतंकवादियों की संख्या बढ़ाई गई है। इन्हें किसी न किसी तरह जम्मू-कश्मीर में प्रवेश कराने का प्रयास किया जाएगा।

केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर सोमवार को किए गए महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक फैसलों के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कश्मीर व जम्मू में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। मंगलवार को भी श्रीनगर और जम्मू में धारा-144 लागू है। इसके अलावा डोडा, किश्तवाड़, बनिहाल और रामबन में कर्फ्यू लगाया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों की 40 कम्पनियां जम्मू संभाग के जम्मू, डोडा, उधमपुर, रामबन, किश्तवाड़, राजौरी तथा पुंछ जिलों में तैनात की गई हैं। राज्य के ज्यादातर मार्गों पर कंटीली तार लगाकर लोगों की आवाजाही को रोका जा रहा है ताकि कोई शरारती तत्व राज्य का शांतिपूर्ण माहौल खराब करने की हिम्मत न कर सके। इस दौरान रैलियों और राजनीतिक बैठकों पर भी प्रतिबंध लागू हैं।

मंगलवार को भी जम्मू-कश्मीर में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान व यातायात बंद है। सभी शिक्षा संस्थानों को अगले आदेश तक बंद रखा गया है। मंगलवार को होने वाली सभी परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया है। राज्य की सड़कों पर इक्का-दुक्का निजी वाहनों के अलावा कोई और वाहन चलता नहीं दिखाई दे रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर लिए गए फैसलों से राज्य में स्थिति तनावपूर्ण परन्तु नियंत्रण में है। इस फैसले को लेकर जहां एक ओर जम्मू व लद्दाख में खुशी की लहर है तो दूसरी ओर कश्मीर घाटी में कहीं खुशी, कहीं गम है। इसी बीच कश्मीर घाटी में मोबाइल तथा मोबाइल इंटरनेट सेवा को भी बंद रखा गया है जबकि जम्मू जिले में केवल मोबाइल इंटरनेट सेवा को बाधित किया गया है। राजौरी, पुंछ, डोडा किश्तवाड़ में मोबाइल के साथ मोबाइल इंटरनेट सेवा को भी रविवार रात से ही बंद कर दिया गया था।

सोमवार देर शाम को नेकां के उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती, पीपल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन व इमरान अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया था। नेशनल कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला सहित एक दर्जन मुख्यधारा के नेताओं व अलगाववादियों में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज मौलवी उमर फारूक सहित प्रमुख अलगाववादी नेता भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात होने से अपने-अपने घरों में ही नजरबंद हैं। राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले को नेशनल कांग्रेस, पीडीपी तथा कांग्रेस राज्य की जनता के खिलाफ बता रही है। लद्दाख व जम्मू-कश्मीर को केन्द्र शासित प्रदेश बनाए जाने से जम्मूवासियों में खुशी की लहर है। मिठाईयां बांटकर व ढोल बजाकर केन्द्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है। डोगरा फ्रंट व विश्व हिन्दू परिषद ने इस फैसले का स्वागत कार्यकर्ताओं में मिठाईयां बांट कर किया है। दूसरी तरफ लेह-लद्दाख में जनजीवन आम दिनों की तरह सामान्य चल रहा है। मंगलवार को भी स्कूल, कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थान सामान्य दिनों की तरह खुले और लेह-लद्दाख में धारा 144 नहीं लगाई गई है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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