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89 हजार नहीं, केवल 19 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी

89 हजार नहीं, केवल 19 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी

दो सालों में राज्य में 53 प्रतिशत बेरोजगार बढ़े
भोपाल|
सेवानिवृत्ति की उम्र 62 वर्ष किए जाने के बाद उठे विवाद को प्रदेश सरकार भले ही यह दावा कर ठंडा करने की कोशिश कर रही है कि इस साल 89 हजार युवाओं को नौकरी दी जाएगी। लेकिन सच यह नहीं है क्योंकि सरकार ने इनमें 70 हजार पद वह भी जोड़ लिए हैं ंजिनमें या तो भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या जारी है। अब केवल शेष बचे 19 हजार पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

सरकार ने विवाद को ठंडा करने आंकड़ों का सहारा लिया है। सरकारी दावे के मुताबिक राजस्व विभाग में 9500 पटवारियों, 400 नायब तहसीलदार और 100 अन्य पद सहित कुल 10 हजार पदों पर भर्ती होगी। 60 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग में 3500 पदों पर भर्ती होना है। इनमें 1300 चिकित्सक, 700 पैरामेडिकल स्टॉफ, 1053 स्टॉफ नर्स और 500 एएनएम शामिल हैं। पुलिस में 8 हजार पदों पर भर्ती के अलावा होमगार्ड में 4 हजार पदों पर भर्ती का दावा भी सरकार ने किया है। इसमें से 9500 पटवारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसकी परीक्षा परिणाम भी आ चुका है। वहीं शिक्षकों की 60 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चालू है। ऐसे में मात्र 19 हजार पदों पर ही नई भर्ती होगी। यह भी बता दें कि चुनावी फायदे से भी नौकरी भर्ती का कनेक्शन है। इस वर्ष के अंत में चुनाव होना है इसलिए भर्तियां भी धड़ल्ले से जारी हैं। प्रदेश में 2013 में विधानसभा चुनाव हुए थे उस साल व्यापम ने 16 भर्तियों के लिए परीक्षा आयोजित की थी, लेकिन उसके बाद के सालों में ये आंकड़ा कभी दुहराया नहीं गया। 2014 में सिर्फ 5 भर्तियों के लिए परीक्षा हुई, 2015 में 12, साल 2016 में 9 पदों के लिए। वर्ष 2017 में आंकड़ा बढ़ा और 14 भर्तियों का हो गया।

बेरोजगारी का यह है हाल


प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। पिछले दिनों 738 चपरासी पद के लिए जिला अदालत में 2.81 लाख आवेदन आए थे। इनमें बीटेक-एमटेक-पीएचडी की डिग्रीधारी शामिल थे । 9235 पटवारी पद के लिए 10 लाख से ज्यादा लोगों द्वारा आवेदन करना बताता है कि रोजगार नहींं मिलने से लोग कितने हताश हैं। वहीं प्रदेश में बेरोजगारी के कारण युवाओं की आत्महत्या बढ़ रही है। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के अनुसार प्रदेश में हर दिन 2 युवा बेरोजगारी के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। आत्महत्या के मामले में मप्र देश में पहले नंबर पर है। 2005 में प्रदेश में 43 किसान और 1 बेरोजगार आत्महत्या करता था, लेकिन अब हर दूसरे किसान के साथ 1 बेरोजगार आत्महत्या कर रहा है। मध्यप्रदेश में लगभग 1 करोड़ 41 लाख युवा हैं। पिछले 2 सालों में राज्य में 53 प्रतिशत बेरोजगार बढ़े हैं। दिसम्बर 2015 में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 15.60 लाख थी जो दिसम्बर 2017 में 23.90 लाख हो गयी है। प्रदेश के 48 रोजगार कार्यालयों ने मिलकर 2015 में कुल 334 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है।

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