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अन्ना हजारे का ऐलान, रामलीला मैदान में फिर करेंगे आंदोलन

अन्ना हजारे का ऐलान, रामलीला मैदान में फिर करेंगे आंदोलन


सतना/ वेब डेस्क। समाजसेवी अन्ना हजारे ने केन्द्र सरकार के खिलाफ बुधवार को सतना सभा में हुंकार भरी। रामना टोला स्थित रामलीला मैदान में विंध्यवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मार्च में फिर रामलीला मैदान पर अन्ना का आंदोलन होगा। जहां देश के सभी जिलों के किसान भाई शामिल होंगे। अपने 40 मिनट के भाषण में अन्ना ने केंद्र सरकार की जमकर खिंचाई की।

बुधवार को एक सभा में अन्ना ने कहा कि किसी को कोई दिक्कत हो या फिर आप हमारे संगठन से नि:स्वार्थ जुड़ऩा चाहते हैं तो बस मेरे नंबर पर मिस कॉल करें। चलते-चलाते सतना को ‘दिल्ली चलो जेल भरो’ का नारा देते हुए अन्ना ने दिल्ली पहुंचने की अपील की। ये पूरा कार्यक्रम किसान मजदूर सयुक्त संगठन के बैनर तले किया गया। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजबीर सिंह मुंडेर, राष्ट्रीय महासचिव पहल सिंह यादव, सहित कई किसान नेता हुए शामिल।

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

सभा में स्थानीय मुद्दों सहित राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर अन्ना ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि किसान हर दिन मरता है, गरीब दिन प्रतिदिन गरीब हो रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है कोई सरकार इन मुद्दों को नहीं देखती है। हमें भ्रष्टाचार मुक्त भारत चाहिए। ये तब संभव हो पाएया जब लोकपाल की नियुक्ति होगी। इसके लिए चुनाव सुधार की जरूरत है।

कलेक्टर के खिलाफ लगे नारे

अन्ना के मंच पर मौजूद कुछ लोगों ने जिला प्रशासन की व्यवस्था से खिन्न होकर कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी भी की। कहा गया कि प्रशासन ने मंच पर अन्ना हजारे के कार्यक्रम के लिए उचित व्यवस्था नहीं किया है। हालांकि पहला नारा लगते ही उन्हें रोक दिया गया। इसके पहले कुछ कार्यकर्ताओं को सर्किट हाउस में अन्ना के न मिलने देने पर विवाद हुआ था। कुछ कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि एक आदमी के कारण सैकड़ों कार्यकर्ता लौट गए।

अपेक्षा से कम आई भीड़

अन्ना की सभा में भीड़ की कमी छिपाने के लिए ईश्वरचंद त्रिपाठी ने प्रशासन को दोषी माना है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के ऐन वक्त पर बिजली बन्द कर दी गई। सभा में आने वाले लोगों को पहले ही रोक दिया गया। हमने बहुत प्रचार किया था, गांव-गांव हम गए थे लेकिन लोग नहीं आ पाए। कुछ लोग चाहते थे कि अन्ना का कार्यक्रम फेल हो जाए। इसलिए प्रशासन ने सहयोग नहीं दिया है।

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