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प्रदेश में कानून व्यवस्था को ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं मुख्यमंत्री : राम नाईक

-देशभर के 150 से अधिक साहित्यकारों व शोधार्थियों की सहभागिता
-कहा- सभी लोग करें राज्य सरकार का सहयोग
- केंद्रीय हिन्दी संस्थान व संस्कार भारती के तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी
आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान में 'साहित्य सृजन से राष्ट्र अर्चन' विषय पर आयोजित संगोष्ठी का उद्घाटन करने आगरा पहुंचे राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानून व्यवस्था ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें सभी को सहयोग करना चाहिए। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में इन दिनों चोरी और डकैती करने वालों को पकड़ा जा रहा है। सरकार की मंशा कानून व्यवस्था में सुधार लाने की है। इसमें सभी लोग सहयोग देंगे तो प्रदेश की स्थिति बेहतर होगी।

इससे पूर्व संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री राम नाईक ने कहा कि मानवीय जीवन में साहित्य का विशेष महत्व है। जीवन मूल्यों की रक्षा में इसकी प्रमुख भूमिका रही है। वो चाहे 'दिल्ली चलो का नारा हो या 'स्वतंत्रता मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है की घोषणा, साहित्य के एक शब्द एक पंक्ति से घट जाती है। स्वाधीनता संग्राम में भी साहित्यकारों की विशिष्ट भूमिका रही है। साहित्य हमें सदैव जीवन पथ पर आगे बढऩे की प्रेरणा देता है।

अध्येता कोष का किया लोकार्पण
संगोष्ठी में उन्होंने केहिस द्वारा प्रकाशित व संपादित हिन्दी-नेपाली अध्येता कोष का लोकार्पण किया। एनबीटी के अध्यक्ष बल्देवभाई शर्मा ने उन्हें उनकी पुस्तक का संस्कृत में प्रकाशित अनुवाद भेंट किया। स्वागताध्यक्ष डॉ. रामअवतार शर्मा ने साहित्य के राष्ट्रवादी विचारों के प्रसार में योगदान के बारे में बताया। संस्कार भारती के अ.भा. सह महामंत्री रवींद्र भारती ने कहा कि राष्ट्रीय बोध केवल साहित्यकार ही जगा सकता है। केहिस के निदेशक प्रो. नंदकिशोर पांडेय ने कहा कि साहित्य ने राष्ट्र को एक होने का संदेश दिया। केंद्रीय हिन्दी शिक्षण मंडल के उपाध्यक्ष प्रो. कमल किशोर गोयंका ने कहा कि राष्ट्र की सत्ता के लिए साहित्य अनिवार्य है। साहित्यकार का धर्म है कि वह राष्ट्र की आत्मा की रक्षा करे। अतिथियों का स्वागत स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन राज बहादुर सिंह राज ने किया।

किया विवि का बचाव
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को समय पर डिग्री न मिल पाने के सवाल पर डा. भीमराव आंबेडकर विवि का बचाव किया। कहा कि यह सच्चाई से दूर है। आगरा ही नहीं प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय के छात्र की उन्हें शिकायत प्राप्त होती है कि उसे समय पर प्रमाणपत्र नहीं मिला रहा तो वह खुद उपलब्ध कराएंगे। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में नकल विहीन परीक्षा कराई जाएगी। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में परीक्षाएं कराई जाएंगी। परीक्षा के संबंध में 10 फरवरी को कानपुर में कुलपतियों की बैठक बुलाई गई है।

इस तरह हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
संगोष्ठी के प्रथम सत्र में केएमआई के पूर्व निदेशक जय सिंह नीरद, जीएलए विवि के कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान, पूर्व कुलपति डॉ. गिरीश चंद्र सक्सेना ने भारतीय साहित्य में राष्ट्रीयता विषय पर संबोधित किया। दोनों सत्रों में देशभर से आए 150 से अधिक साहित्यकारों व शोधार्थी उपस्थित रहे।

इनकी रही उपस्थिति
संस्कार भारती के संस्थापक पद्मश्री योगेंद्र बाबा, सह संयोजक अजय कुमार अवस्थी, सुभाष अग्रवाल, डॉ.बीआर अंबेडकर विवि के कुलपति प्रो. अरविंद दीक्षित, प्रो. वीना शर्मा, बांकेलाल गौड़ जी, सरोज गौरीहार, विधायक जगनप्रसाद गर्ग, डॉ. मधु भारद्वाज, डॉ. शैलबाला, संजीव वशिष्ठ, राकेश निर्मण, पद्मगौतम आदि उपस्थित रहे।

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