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15 शहरों में अंतर मॉडल स्टेशन बनेंगे

15 शहरों में अंतर मॉडल स्टेशन बनेंगे

नई दिल्ली| भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने नागपुर और वाराणसी में अंतरमॉडल स्टेशन स्थापित करने के लिए विस्तृत संभावना अध्ययन किया है और इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयारी के अंतिम चरण में है। अंतरमॉडल स्टेशन विकसित करने के लिए देश के 15 शहरों को प्राथमिकता दी गई है जिसमें से नागपुर और वाराणसी को पायलट परियोजना के लिए चुना गया है।

अंतरमॉडल स्टेशन एक टर्मिनल संरचना है, जहां एक ही स्थान पर रेल, सड़क, मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली, बस रैपिड ट्रांजिट प्रणाली, अंतर्देशीय जल मार्ग, आॅटोरिक्शा, टैक्सी और निजी वाहन एकत्रित होते हैं ताकि लोग बिना किसी बाधा के आॅटोमोबाइल के न्यूनतम उपयोग के साथ एक से दूसरे साधन से आवाजाही कर सकेंगे। अभी अधिकतर शहरों में बस अड्डे, रेलवे स्टेशन तथा अन्य पड़ाव एक दूसरे से अन्य स्थानों पर हैं। इसलिए पहले से भीड़भाड़ वाली सड़कों पर अंतरमॉडल आवाजाही से दबाव बनता है। परिवहन के विभिन्न साधनों को एक स्थान पर लाकर अंतरमॉडल स्टेशन सड़कों पर भीड़भाड़ कम करेंगे और वाहन प्रदूषण में भी कमी आएगी। अंतरमॉडल स्टेशन लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर तथा अंतर शहर बस यातायात के प्रवेश और निकास के लिए रिंगरोड़ और राष्ट्रीय राजमार्गों के कारगर इस्तेमाल करके भीड़भाड़ कम करने में मददगार साबित होंगे।

अंतरमॉडल स्टेशन नई जोड़ने वाली सड़कों, पुलों तथा फ्लाइओवरों के जरिये सड़क नेटवर्क विकास के साथ-साथ एकीकृत रूप में बनाए जायेंगे। ये स्टेशन अगले 30 वर्षों के लिए यात्रियों की संख्या भार सहन करेंगे और इसमें ट्रैवेलेटरों के साथ फुटओवर ब्रिज, सब वे, साझा प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय और विश्राम गृह, एकीकृत सार्वजनिक सूचना प्रणाली, आधुनिक अग्निशमन सुविधा तथा आपात क्रिया सेवा, उपयोगी सामान भंडार, कॉनकोर्स तथा स्केलेटर, पर्याप्त सकुर्लेशन स्थान तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठान होंगे। अकेले टर्मिनलों की तुलना में अंतरमॉडल स्टेशन विकसित करने के अनेक लाभ हैं :

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