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कुलपति और निदेशक की खींचतान में छात्रों की फजीहत

कुलपति और निदेशक की खींचतान में छात्रों की फजीहत

गुस्साए खिलाड़ी बोले-हमें खाने-पीने के लिए तरसना पड़ा

ग्वालियर, न.सं.। जीवाजी विश्वविद्यालय में इन दिनों कुलपति और खेल विभाग के निदेशक के बीच चल रही आपसी खींचतान के चलते छात्रों और खिलाड़ियों की फजीहत हो रही है। पिछले माह आंध्रप्रदेश में आयोजित हुई राष्ट्रीय स्पर्धा में शामिल होने के लिए गए जीवाजी विवि के खिलाड़ियों के दल को अग्रिम पैसा नहीं दिया गया। इस कारण खिलाड़ियों को रहने और खाने-पीने के लिए एक-दूसरे से पैसे उधार लेना पडेÞ। इसको लेकर ग्वालियर वापस आते ही सभी खिलाड़ी जीवाजी विवि पहुंचे और अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनार्इं।

आंध्रप्रदेश के गोंटूर में आयोजित एथलेटिक्स की राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए जीवाजी विवि के छात्रों की टीम का चयन हुआ था। खिलाड़ी, कोच व मैनेजर सहित कुल 25 सदस्यीय टीम गोंटूर में खेलने के लिए आठ जनवरी को ग्वालियर से रवाना हुई थी। जीवाजी विवि को रहने और खाने के लिए प्रति छात्र लगभग सात हजार रुपए देना थे, पर विवि ने यह राशि नहीं दी। इसके चलते गुरुवार को सभी खिलाड़ी कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के पास पहुंचे और कहा कि आपने हमसे वादा किया था कि पैसा प्रमुख कोच के बैंक खाते में भिजवा दिया जाएगा, उसके बाद भी पैसा खाते में नहीं भेजा गया। इस कारण हम लोगों को खाने-पीने के लिए तरसना पड़ा। इस पर कुलपति ने लेखा विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उनकी जमकर खिंचाई की और कहा कि पैसे क्यों नहीं भेजे गए। इसी बीच पता चला कि खिलाड़ियों के भुगतान वाली फाइल लेखा विभाग में अटकी हुई थी। इसके बाद कुलपति ने जल्द से जल्द राशि का भुगतान कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि खिलाड़ियों ने जाने से पहले कुलपति को आवेदन देकर रहने व खाने के लिए अग्रिम पैसे दिए जाने की मांग की थी। इस पर कुलपति ने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया था कि पैसे उनके प्रमुख कोच हर्षित मिश्रा के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे, लेकिन फिर भी पैसे नहीं भेजे गए। इस कारण स्पर्धा के बीच खिलाड़ियों के पैसे समाप्त हो गए और इसके चलते वे खाने-पीने के लिए तरसते रहे।

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