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अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुका पाकिस्तान, आतंकी हाफिज के मदरसों स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्रवाई शुरू

अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुका पाकिस्तान, आतंकी हाफिज के मदरसों स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्रवाई शुरू

इस्लामाबाद | पाकिस्तान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकते हुए मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। पाकिस्तानी अखबारों के मुताबिक हाफिज सईद द्वारा संचालित मदरसों और स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्शन लिया जा रहा है। पिछले महीने ही एक उच्च स्तरीय संयुक्त राष्ट्र दल ने उन लोगों और समूहों के खिलाफ कार्रवाई की प्रगति का जायजा लेने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था जिन पर विश्व निकाय ने प्रतिबंध लगाया है। लेकिन हाफिज के खिलाफ कार्रवाई की असल वजह पैरिस में होने जा रही फाइनैंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स' की बैठक है, जिसमें पाकिस्तान को अपने खिलाफ बड़ी कार्रवाई का डर सता रहा है।

पंजाब सरकार के आदेश के बाद, रावलपिंडी के जिला प्रशासन ने हाफिज सईद से संबद्ध जमात उद दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन द्वारा संचालित एक मदरसे और चार औषधालयों का नियंत्रण ले लिया है। खबर में बताया गया है कि मदरसे का जिम्मा औकाफ विभाग को सौंप दिया गया जो धार्मिक संपत्तियों को नियंत्रित करता है। खबर में कहा गया है कि प्रांतीय सरकार ने पिछले शुक्रवार को औकाफ विभाग को मदरसों का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का आदेश दिया था।

जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रांतीय सरकार ने रावलपिंडी में चार मदरसों की एक सूची जिला प्रशासन को सौंपी है। जिला प्रशासन की टीमें इन मदरसों में गईं, लेकिन जमात उद दावा ने इन मदरसों के साथ कोई संबंध होने से इनकार किया है। अधिकारी ने बताया कि सरकार ने ब्योरों की जांच के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और औकाफ विभाग का एक संयुक्त दल गठित किया है। उन्होंने बताया कि ऐसा ही अभियान अटक, चकवाल और झेलम जिलों भी चलाया जाएगा।

बहरहाल, पर्यवेक्षकों का मानना है कि देश भर में फैले जमात उद दावा के कार्यालयों का नियंत्रण लेना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। पाकिस्तान ने यह कदम पाकिस्तान ने ऐसे समय पर उठाया है जब पैरिस में 18 से 23 फरवरी तक 'फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स' (एफएटीएफ) की बैठक होने जा रही है। अमेरिका और भारत कोशिश कर रहे हैं कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को फंडिंग देने वाले देशों की सूची में शामिल किया जाए। एफएटीएफ की इस सूची में पाकिस्तान को पिछली बार फरवरी 2012 में डाला गया था और वह तीन साल तक इस सूची में रहा था।

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