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अगस्ता मामला : छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ एसआईटी जांच की मांग संबंधी याचिका खारिज

अगस्ता मामला : छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ एसआईटी जांच की मांग संबंधी याचिका खारिज


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की खरीदी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा की गई कथित रुप से गड़बड़ी की एसआईटी जांच की मांग करनेवाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने पिछले 31 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिका स्वराज अभियान ने दायर किया था। सुनवाई के दौरान जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने छत्तीसगढ़ सरकार से पूछा था को वो ये बताएं कि इसके लिए सही तरीके से निविदा आमंत्रित की गई थी की नहीं । कोर्ट ने पूछा था कि हम ये जानना चाहते हैं कि आपने पब्लिक मनी के साथ गड़बड़ी तो नहीं की। निविदा के समय ही विदेश में खाता क्यों खोला गया।


याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के आदेश पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास अनुशंसा भेजी गई कि अगस्ता वेस्टलैंड के हेलिकॉप्टर खरीदें जाएं। उन्होंने कहा था कि हेलिकॉप्टर डील में जो कमीशन मिला उससे मुख्यमंत्री के बेटे अभिषेक सिंह का बैंक खाता वर्जिन आइलैंड में खोला गया। इसका जिक्र पनामा पेपर्स में भी है। खाता खोलते समय अभिषेक सिंह का वह पता नहीं है जो मुख्यमंत्री रमन सिंह के चुनाव हलफ़नामा में है। केंद्र सरकार की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि याचिकाकर्ता ने आईटी एक्ट का उल्लंघन कर दस्तावेज प्रस्तुत किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट रुल्स 2013 का जिक्र किया जिसके मुताबिक कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों के स्रोत के बारे में जानकारी देनी होगी। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि याचिका अनुमानों पर आधारित है | इसमें कोई तथ्य नहीं है।

केंद्र सरकार ने कहा था कि ये राजनीति से प्रेरित याचिका है| इस याचिका के जरिये राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा सकती है। सरकार ने कहा था कि पीएसी और सीएजी की रिपोर्ट संसद और विधानसभाओं में पेश किया जाता है। स्वराज अभियान ने याचिका दायर कर इन गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक(सीएजी) की प्रतिकूल रिपोर्ट मिली है, जबकि मीडिया रिपोर्टों से राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ में इस संदर्भ में हुई कथित गड़बड़ियों के संकेत हैं।

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