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प्रवासी सम्मेलन में पीएम की भावुक अपील - भारत आपका देश, इसे संवारिये

प्रवासी सम्मेलन में पीएम की भावुक अपील - भारत आपका देश, इसे संवारिये

नई दिल्ली। प्रथम प्रवासी सांसद सम्मेलन में दुनिया भर के 24 देशों से आए 141 भारतीय मूल के सांसदों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा- वेलकम टू इंडिया, वेलकम होम। साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस पर नई शुरूआत करने के पीछे के विजन को एक वाक्य में बताते हुए कहा कि मेरे सामने ये मिनी वर्ल्ड पॉर्लियामेंट हैं, जिसमें दुनिया के हर महाद्वीप का प्रतिनिधित्व है। पीएम मोदी ने प्रवासी सांसदों से अपील की कि वे भारत को अपना घर समझें और अपनी विशेषज्ञता से भारत और भारतीय युवाओं को लाभान्वित करें।

भारतीय मूल के सांसदों से बात करते हुए भावुक हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज आपके पूर्वज जहां भी होंगे, बहुत खुश होंगे, क्योंकि आज आप लोग उस जमीन पर आए हैं, जहां से आपकी जड़ें जुड़ी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने अपनी मेहनत, लगन से भारत के बाहर जो स्थान बनाया है, उससे भारत के 125 करोड़ से ज्यादा भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा होता है। जब-जब आप जैसे हमारे भारतीय मूल के किसी मित्र की दुनिया के किसी देश में ऊंचे पद पर आसीन होने की खबर मीडिया में आती है, यहां भारत का हर नागरिक अपने भारतीय होने पर गर्व करने लगता है। हम लोग समझते हैं कि आपके पूवर्जों को समंदर पार दूसरे देशों में कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा होगा। बावजूद ये गर्व की बात है कि आप लोगों ने कभी अपने दिल से भारत को नहीं निकाला।

दुुनियाभर से आए भारतीय मूल के सांसदों को बदलते भारत की नई तस्वीर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि पिछले तीन साल में भारत ने न केवल अपने आर्थिक-सामाजिक परिदृश्य में बदलाव किया है, अब तो हम अपनी सोच को, मानसिकता को बदल रहे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में पहली बार पिछले तीन साल में आधारभूत परिवर्तन किए गए। हमने कालेधन पर रोक लगाने के लिए प्रयास किए। हमने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के जरिए टैक्स एकीकरण किया और सैकड़ों टैक्स के बदले एक टैक्स लाए। स्किल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, मुद्रा बैंक योजना से हमने भारत के युवाओं को रोजगार के लिए लाइन लगानेवाले से बदलकर रोजगार देनेवाला बनाना शुरू किया है। मुद्रा बैंक के जरिए 10 करोड़ लोन बांटे जा चुके हैं। हमने देश की आधारभूत संरचना को बेहतर करने के लिए विकास की गति दोगुनी कर दी है। अब रेलमार्ग, सड़क मार्ग के विस्तार का काम दोगुने से ज्यादा हो गया है। उज्ज्वला योजना के जरिए 3 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलवाई और सस्ती दरों पर रसोई गैस मुहैय्या करवाई। हम भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाने की ओर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल के सांसदों को बताया कि वैश्विक स्तर पर भारत की छवि अब पहले जैसी नहीं रही। योग दिवस को संयुक्त राष्ट्र ने मान्यता दी और पूरी दुनिया हमारे प्राचीन योग ज्ञान की कायल हुई। हमने युद्धरत यमन से 48 देशों के नागरिकों को बाहर निकाला। हाल ही में भारत सरकार द्वारा आयोजित क्विज- भारत को जानिए, में 100 से ज्यादा देशों के 57 सौ से ज्यादा भारतीय मूल के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ये बदलते भारत की तस्वीर है। प्रधानमंत्री ने मेहमान सांसदों से कहा कि आप दुनियाभर में भारत के सही मायने में राजदूत हैं। इसीलिए हमारे विजन-2020 में प्रवासी भारतीयों के लिए खास जगह है। विदेशों में बसे भारतीयों द्वारा अपने देश में पैसा भेजने में भारत सबसे आगे है। यूनेस्को ने हमारी प्राचीन संस्कृति के परिचायक कुंभ मेले को अपनी सूची में शामिल किया है। हम संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले देशों में हैं।

भारत सरकार हर साल महात्मा गांधी के भारत लौटने के दिन, 9 जनवरी, को प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मानती है। इस साल पहली बार प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर भारतीय मूल के सांसदों को आमंत्रित किया गया। दुनिया के 28 से ज्यादा देशों में 270 से ज्यादा भारतीय मूल के सांसद हैं। यदि पूर्व सांसदों की गणना करें, तो ये गिनती हजार से ऊपर चली जाएगी।

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