Home > Archived > समाज और पुलिस के मध्य दूरी मिटाने चलेगा विशेष संवाद अभियान

समाज और पुलिस के मध्य दूरी मिटाने चलेगा विशेष संवाद अभियान

समाज और पुलिस के मध्य दूरी मिटाने चलेगा विशेष संवाद अभियान

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 8 जनवरी से 8 मार्च तक समाज और पुलिस के मध्य संवाद का अभियान चले। थाना स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में समाज और पुलिस एक दूसरे की अपेक्षाओं पर चर्चा करें। पुलिस और समाज की दूरी मिटाकर साथ कार्य का मैकनिज्म निर्मित किया जाये। मुख्यमंत्री मंगलवार शाम को पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर रहे थे। इस अवसर पर गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह और अपर मुख्य सचिव के.के.सिंह भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवंत समाज के समक्ष चुनौतियाँ आती रहती हैं। उनका मुकाबला तत्परता और सफलता के साथ करने के लिये जरूरी है कि रूटीन कार्य के साथ समाधान के पहलुओं पर लक्ष्य केन्द्रित रणनीति हो। उन्होंने चिंतन कर कार्य योजना बनाने की जरूरत बताई। विषय विशेषज्ञों, विभाग के मेंटरों और पुलिस अधिकारियों के समूहों के साथ गहन विचार-विमर्श कर दीर्घकालिक और अल्प कालिक कार्ययोजनायें तैयार करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा के पहलुओं पर चर्चा करते हुये कहा कि समाज को जोडऩे और मिलकर कार्य करने का वातावरण बनायें। महिलाओं पर अपराध के विभिन्न सामाजिक आयामों पर धर्माचार्यों, समाजसेवी, स्वैच्छिक, महिला संगठनों को जोडक़र वातावरण बनाया जाये। पुलिस से जनता जुड़े और अपराधी डरें। थानों का वातावरण जनहितैषी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने मादक पदार्थों के, अवैध व्यवसाय, असामाजिक, शरारती तत्वों, भ्रामक प्रचार आदि अपराधिक गतिविधियों का कठोरता से दमन करने के लिए फ्री हेण्ड देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने पुलिस बल में तनाव की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। बल का मनोबल बढ़ाने, शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य और सेवा स्थितियों को बेहतर बनाने की दिशा में पहल के निर्देश दिये। पुलिस बल के मध्य सम्मान और स्नेह का वातावरण निर्माण की जरूरत बताई। पुलिस बल में 6 हजार नये पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने और उत्कृष्ट कार्य के द्वारा पदोन्नति की पहल पर विचार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृहमंत्री पदक से पुरस्कृत पुलिस प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। पुलिस महानिदेशक आर.के.शुक्ला ने बताया कि चिन्हित अपराधों की सूची को विस्तारित किया गया है। अपराधों में सजा का प्रतिशत 70 पहुँच गया है। उन्होंने बताया कि महिला पुलिस बल उपलब्ध हो गया है। पूर्ण प्रशिक्षित दस हजार नया पुलिस बल भी तैयार है।

Share it
Top