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तीन माह का दिया था समय, दो माह में भी नहीं बन सका प्रस्ताव

तीन माह का दिया था समय, दो माह में भी नहीं बन सका प्रस्ताव

संभाग आयुक्त के निर्देश भी हवा में, मामला जिला अस्पताल के शवगृह का



ग्वालियर। स्वास्थ्य विभाग में बैठे अधिकारी इन दिनों जहां एक ओर अपने कार्य करने के तरीके को लेकर लगातार चर्चाओं में बने हुए हैं। वहीं दूसरी ओर यह अधिकारी संभाग आयुक्त के निर्देशों को भी हवा में उड़ाने में लगे हुए हैं। जिसका उदाहरण विगत दो माह पहले संभाग आयुक्त द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए निर्देशों को देख ही लगाया जा सकता है।

जयारोग्य चिकित्सालय के शव गृह में विगत दो माह पहले चूहे द्वारा शव की आंख कुतर जाने के मामले में संभाग आयुक्त एस.एन. रूपला ने शवगृह का निरीक्षण किया था, जहां शव गृह के चिकित्सकों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा था कि अगर जिला अस्पताल में शव गृह शुरू हो जाए तो यहां दबाव कम हो सकता है।

इसी के चलते श्री रूपला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एस. जादौन को सख्त निर्देश देते हुए कहा था कि तीन माह के अंदर जिला अस्पताल में शवगृह तैयार किया जाए। जिससे जयारोग्य के शवगृह में पहुंच रहे शवों की संख्या कम हो सके, साथ ही चिकित्सकों की भी कुछ परेशानी कम हो सके। लेकिन आज दो माह बीत जाने के बाद भी जिला अस्पताल में शव गृह बनवाने की तो दूर की बात है सीएमएचओ डॉ. जादौन द्वारा शव गृह का प्रस्ताव तक नहीं बनवाया गया है। जिससे यह अब साफ है कि डॉ. जादौन पर संभाग आयुक्त के निर्देशों का भी कोई असर नहीं है।

इनका कहना है

हमने शव गृह बनाने के लिए जिलाधीश से रोगी कल्याण समिति से बजट मांगा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इस कारण अब सिविल सर्जन से मांग की जाएगी।

डॉ. एस.एस. जादौन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

शवगृह के निर्माण में समय लगता है, लेकिन अगर स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसका प्रस्ताव भी तैयार नहीं किया है तो यह गलत है। इसके लिए जिलाधीश से चर्चा की जाएगी।

एस.एन. रूपला
संभाग आयुक्त

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