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कुलपति बोलीं, सीएम को लिख देते हैं, आप लोग नकारा हैं

कुलपति बोलीं, सीएम को लिख देते हैं, आप लोग नकारा हैं

सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण लम्बित होने पर जताई नाराजगी

ग्वालियर, न.सं.। जीवाजी विश्वविद्यालय में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को गंभीरता से न लेने पर कुलपति द्वारा अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की जा रही है, लेकिन उसके बाद भी प्रकरणों का निराकरण नहीं हो रहा है। इसके चलते शुक्रवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित हुई समय-सीमा बैठक में एक बार फिर सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण को लेकर कुलपति ने नाराजगी व्यक्त की। बैठक में कुलपति ने अधिकारियों से यह तक कहा कि अगर प्रकरणों का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं तो हम सीएम को लिखकर भेज देते हैं कि आप लोग प्रकरणों के निराकरण में अक्षम हैं, इसलिए समस्याओं का निराकरण नहीं करा पा रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर वर्ष 2014 के पहले के रिजल्ट नहीं निकलने के प्रकरण हैं क्योंकि छात्रों को बिना परीक्षा फार्म भरे बैठाया गया है। इसी तरह वर्ष 2014 से पहले के सेशनल और प्रैक्टिकल के अंक मान्य नहीं किए जाने के कारण रिजल्ट रुके हैं। छात्र महाविद्यालयों से खुद अंक लेकर आ रहे हैं, लेकिन वर्ष 2011-12 से 2013-14 के अंक नहीं लेने का निर्णय कार्यपरिषद का है, इसलिए अंक स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इस पर कुलपति ने कहा कि हम मुख्यमंत्री को लिखकर दे देते है कि हम नकारा हैं और छात्रों की परेशानियों को दूर नहीं कर पा रहे हैं।

कुलपति की नाराजगी के बाद बुलाई बैठक

बैठक के तत्काल बाद रेक्टर प्रो. आर.जे. राव ने तत्काल परीक्षा से संबंधित बैठक बुलाई, जिसमें अंकसूची व परीक्षा परिणाम पर चर्चा हुई। बैठक में सहायक कुलसचिव अभयकांत मिश्रा ने बताया कि स्नातक और स्नातकोत्तर की 35 से अधिक कक्षाओं की अंकसूची अभी तक तैयार नहीं हैं और छात्र चक्कर लगा रहे हैं। परीक्षा का काम देख रही एजेंसी ने टैबुलेशन रजिस्टर अभी तक नहीं दिए हैं, इसलिए 70 से 80 कक्षाओं के परीक्षा परिणाम तैयार नहीं हो पाए हैं। इस पर एजेंसी ने कहा कि 10 दिवस में अंकसूची व टीआर दे देंगे। बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि परीक्षा संबंधी काम नई एजेंसी को देने के लिए ओपन टेंडर जारी किए जाएंगे।

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