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अधिकारी सामंजस्य बनाकर करें विकास : मोती सिंह

282.65 लाख की जिला योजनाओं को मिली मंजूरी
झांसी। अधिकारी कार्य संस्कृति में बदलाव लायें और सभी वर्ग के लिये कार्य करें। सरकार बदली है तो विचार भी बदलने होंगे। क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिये जनप्रतिनिधियो के साथ अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुये कार्य करें। विकास कार्य सतह पर होगा कागजों में विकास कार्य करने की प्रवृत्ति को जल्द छोड़ दें। जन समस्याओं के प्रति संवदेनशील हो अन्यथा दण्डित किये जायेंगे। क्षेत्र के विकास हेतु जनप्रतिनिधियों के विचार आपके कार्य में वृद्धि करते हंै तो उन्हें अवश्य स्वीकार करें। समस्त राजनैतिक दल क्षेत्र के विकास को लेकर उत्साहित हैं और आप सभी का सहयोग चाहते है।

प्रभारी मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह मोती सिंह मंत्री ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने जिला योजना समिति एवं विकास कार्यों की समीक्षा करते हुये विकास भवन सभागार में अधिकारियों के मध्य व्यक्त किये। उन्होंने कानून व्यवस्था व गेंहू खरीद की भी समीक्षा की।

जिला योजना वर्ष 2017-18 हेतु 28265.00 लाख रूपये विकास कार्यो के लिये प्रस्तावित किये गये तथा संशोधन शासन को भेजे जाने के निर्देश दिये गये।
जिला योजना समिति की बैठक मंत्री का फोकस सिर्फ विकास कार्यो पर ही था, परन्तु अधिकारियों की अनुपस्थिति और पूर्ण तैयारी के साथ न आने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने भूमि विकास एवं जल संसाधन के अनुपस्थित उप निदेशक को प्रतिकूल पृविष्ठी के साथ इकाईयों के 4 बीएसए का वेतन काटे जाने के बाद 324.55 लाख प्रस्तावित व्यय को रोक देने के निर्देश दिये। उन्होंने जल निगम, पशुपालन विभाग, दुग्धशाला, ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम पर्यावरण के कार्यो पर असंतोष व्यक्त किया और चेतावनी देते हुये कहा कि यह पहली बैठक है और आज परिचय हुआ। भविष्य में इस तरह के कार्यो की पुनरावृत्ति होती है तो कार्यवाही अवश्य की जायेंगी।

प्रभारी मंत्री ने जल निगम को स्पष्ट निर्देश दिये कि आप अपनी मर्जी से कोई कार्य नहीं करेंगे। रीबोर हेतु 400 हैण्डपम्प के लिये जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव लें और कार्य करें। उन्होंने रीबोर हैण्डपम्प की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ताकि जनप्रतिनिधियो द्वारा सत्यापन किया जा सके। दुग्ध विकास पर चर्चा करते हुये मंत्री ने 135 समितियां के दुग्ध तथा किसानों को विभाग द्वारा 39.40 रू. प्रति लीटर भुगतान की जांच एसडीएम स्तर से कराये जाने के भी निर्देश दिये। ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम के प्रस्तावित परिव्यय 402.82 लाख पर चर्चा करते हुये। मंत्री ने समूह का सत्यापन कराये जाने व आवास का सत्यापन कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि अपात्र का चयन किया गया है तो वसूली की जायें। पंचायती राज विभाग के प्रस्तावित परिव्यय 674.92 लाख पर चर्चा करते हुये। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्राम सभा जहां बहुउद्देशीय पंचायत भवन नहीं है उन सभी को बहुउद्देशीय पंचायत भवन से आच्छादित किया जायें। जिला योजना की बैठक में सदर विधायक रवि शर्मा, विधायक बबीना राजीव सिंह पारीछा, गरौठा विधायक जवाहर सिंह राजपूत, मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्य ने अपने-अपने सुझाव दिये। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव, मेयर श्रीमती किरण वर्मा, राज्य सभा संासद प्रतिनिधि सुदेश पटेल, जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान, अरूण प्रकाश आदि मौजूद रहे।

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