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लाखों का खनिज हर दिन हो रहा है चोरी

लाखों का खनिज हर दिन हो रहा है चोरी

लाखों का खनिज हर दिन हो रहा है चोरी खनिज

ग्वालियर न.सं.। ग्वालियर शहर से सटी बंद खदानों से काले पत्थर का अवैध उत्खनन और अवैध खनिज के परिवहन को प्रशासन रोक नहीं पा रहा है। प्रशासन छौंड़ा-नयागांव के 28 क्रेशरों को सील कर इस खनन क्षेत्र में अवैध कारोबार पर रोक लगा चुका है। वहीं मऊ (शताब्दीपुरम) की खदानें एनजीटी के आदेश के बाद बंद हुर्इं। इसके बावजूद जहां मऊ (शताब्दीपुरम) में चोरी छुपे तो शंकरपुर की बंद खदानों से काले पत्थर का अवैध खनन सरेआम किया जा रहा है।

सन् 1990 के दशक में ग्वालियर शहर की सीमा से सटे काले पत्थर के खनन क्षेत्रों में से एक शंकरपुर (ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे) में खनन कारोबार पूरी तरह बंद है। खनिज विभाग के रिश्वतखोर अधिकारियों ने खनिज माफिया से सांठगांठ कर कुछ खदानों को यहां खनन की अनुमति वर्ष 2018 तक दे रखी है। इसके बावजूद जिला स्तरीय पर्यावरण समाधान निर्धारण प्राधिकरण (डीआ) और जिला स्तरीय विशेषज्ञ आंकलन समिति (डेक) की अनुमति नहीं होने के कारण यहां खदानों का संचालन नहीं किया जा सकता। शासकीय दस्तावेजों में यह खदानें पूरी तरह बंद हैं, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी इन्हें अनदेखा कर चोरी छुपे चलवा रहे हैं। शंकरपुर में सर्वे क्रमांक 537 एवं 568 पर स्थित श्रीराम स्टोन क्रेशर का पट्टा गिर्राज सिंह परमार के नाम पर है। पट्टेदार द्वारा लगाया गया बोर्ड इस खदान को वर्ष 2021 तक बैध बता रहा है। करीब 200 फुट से अधिक गहरी हो चुकी इस खदान में करीब 10 स्थानों पर विस्फोट कर फोकलेन एवं थ्रीडी मशीनों से धड़ल्ले से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इसी प्रकार शताब्दीपुरम में भी कुछ लोग चोरी छुपे अवैध खनन कर रहे हैं, जबकि प्रशासन की ओर से यहां अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाए जाने की बात कही जा रही है। धकारी ही करा रहे हैं खनिज की चोरी

खनिज विभाग में ‘रक्षक बना भक्षक’ जैसी कहावत चरितार्थ हो रही है। बंद पड़े खनन क्षेत्रों से जारी अवैध खनन की सम्पूर्ण जानकारी जिला खनिज अधिकारी मनीष पालेवार को है। अवैध खनन में जुटा खनन माफिया प्रतिदिन खनिज अधिकारी के कार्यालय में ढोक लगाते देखा जा सकता है। खनिज अधिकारी का खनिज माफिया को संरक्षण समझ से परे है। रिश्वतखोर अधिकारियों का बढ़ता लालच लगातार शासन के खजाने को चूना लगा रहा है और प्रतिमाह शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा है।

टोलियों में बैठते हैं स्थानीय माफिया
शंकरपुर की खदानों में जारी अवैध उत्खनन स्थानीय ग्रामीणों के सहारे किया जा रहा है। पुलिस अथवा प्रशासन की किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए करीब आधा सैकड़ा से अधिक ग्रामीणों को खदान के ऊपरी हिस्से पर 10-15 की टोलियों में बैठा दिया जाता है। खदान के अंदर अवैध खनन के लिए मजदूर लगा दिए जाते हैं। खदान के ऊपर टोलियों में बैठने के कारण माफिया प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति में विरोध करने की स्थिति में भी होते हैं।

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