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लाल-नीली बत्तियां हटने से आम और खास का फर्क मिटा: भाजपा

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि वाहनों से लाल-नीली बत्तियां हटाकर प्रदेश सरकार ने आम और खास आदमी का फर्क मिटा दिया है। ये फैसला वीआईपी कल्चर खत्म करने में मील का पत्थर साबित होगा। इस फैसले से देश और प्रदेश में असल समाजवाद कायम होगा और समाज का आखिरी व्यक्ति भी खुद को सशक्त महसूस करेगा।

प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि सच्चे मायने में डॉ. भीमराव अम्बेडकर, पण्डित दीनदयाल और राममनोहर लोहिया ने ऐसे ही समाज का सपना देखा था, जहां कोई गैरबराबरी ना हो और अंत्योदय हो। ये ऐतिहासिक और बेहद साहसिक फैसला है और इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बधाई के पात्र हैं।

त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने देखा है किसपा-बसपा की सरकारों में कैसे लाल बत्तियों का दुरुपयोग होता था। लाल बत्ती लगी गाड़ियां कानून की धज्जियां तो उड़ाती ही थीं, इन गाड़ियों के सहारे आम आदमी पर भी धौंस जमाई जाती थी। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा की सरकारों में लाल बत्ती लगी गाड़ियों के दम पर प्रशासन और पुलिस के ईमानदार अफसरों और कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने की भी कई घटनाएं हुईं। ऐसे में प्रधानमंत्री ने आम जनता की उस मनोभावना को भी महसूस किया जिसमें लाल बत्ती गाड़ियां वीआईपी संस्कृति की पहचान बन गई थी और ऐसी गाड़ियों की वजह से आम और खास आदमी का फर्क महसूस होता था।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री की हमेशा से कोशिश रही है कि समाज के आखिरी व्यक्ति के लिये काम किया जाए और इसीलिए उन्होंने खुद को हर बार प्रधानमंत्री की बजाए प्रधान सेवक कहलाना पसंद किया और अब मुख्यमंत्री ने भी उनकी राह पर चलते हुए चीफ मिनिस्टर की बजाए कामन मैन होने की बात साबित कर दी है।

आम लोगों को यह महसूस कराने के लिये ही कि वह हमारी सरकार में कितने खास हैं, मुख्यमंत्री चौबीस घंटे लगातार काम कर रहे हैं। जिस मुख्यमंत्री सचिवालय में शाम होते ही काम बंद हो जाता था, वहां अब देर रात जनहित के काम हो रहे हैं और इस दौरान भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों की परवाह किए बगैर मुख्यमंत्री ने अपने स्थलीय दौरे भी शुरू कर दिए हैं। बुन्देलखण्ड का दौरा इसका सबूत है। आगे भी ऐसे दौरे जारी रहेंगे।

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