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रोशनी नहीं आती इसलिए काटा पेड़

रोशनी नहीं आती इसलिए काटा पेड़

पुराने एमआईसी कमरों के पीछे भी काटे गए पेड़


ग्वालियर ।
स्मार्ट सिटी में काम चमकाने के लिए नगर निगम के अधिकारी किसी भी काम को करने को तैयार हैं, मंगलवार को जलविहार में नीम के हरे वृक्ष को सिर्फ इसलिए काट दिया कि इससे रोशनी नहीं आती थी।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम के कार्य करने का ढर्रा पूरी तरह बिगड़ा हुआ है, अधिकारी अपनी मनमर्जी से किसी भी तरह का काम कर रहे हैं, फिर इसमें किसी की भलाई है या नहीं इसकी किसी को चिंता नहीं। एक ओर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पौधरोपण को बढ़ावा देने और हरे भरे वृक्षों को न काटने की बात की जा रही है।

लेकिन मंगलवार की दोपहर जलविहार में निगम का पार्क विभाग का अमला आटोमेटिक आरा मशीन लेकर पहुंचा और परिसर में लगे हरे भरे विशालकाय नीम के वृक्ष को काटने में जुट गए। कर्मचारियों ने रस्से बांधकर विशाल वृक्ष के आधे हिस्से को काट डाला। वृक्ष के दो तने पूरी तरह काट दिए, इससे निकली लकड़ियां ट्रालियों में भरकर ले जाई गई।

पता लगा है कि यह लकड़ियां जमना बाग नर्सरी में रखने के बजाए महबूब नाम के ठेकेदार को बेच दीं गर्इं। इतना ही नहीं इस अमले ने महापौर कार्यालय से लगे पुराने एमआईसी कमरों के पास से तमाम पेड़ जड़ से काट डाले। इस मामले में जब पार्क के नोडल अधिकारी मुकेश बंसल से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि इस वृक्ष के कारण जलविहार में रोशनी नहीं आती थी, साथ ही यह झुक रहा था, चूंकि यहां आदि शंकराचार्य की प्रतिमा लग रही है, इसलिए नीम के पेड़ की छंटाई कराई जा रही है।

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