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सभी मंत्रालयों को मोदी सरकार का आदेश स्वदेशी उत्पाद और कंपनियों को दें तवज्जो

सभी मंत्रालयों को मोदी सरकार का आदेश स्वदेशी उत्पाद और कंपनियों को दें तवज्जो

नई दिल्ली। रेल मंत्रालय की ओर से पटरियों के लिए वैश्विक स्तर पर टेंडर आमंत्रित करने पर सवाल उठने के बाद अब मोदी सरकार ने सभी विभागों को स्वेदशी प्रॉडक्ट्स का ही इस्तेमाल करने का आदेश दिया है। रेल मंत्रालय की ओर से पटरियों के लिए विदेशी कंपनियों से भी टेंडर आमंत्रित किए जाने का घरेलू कंपनियों ने विरोध किया था। इसके बाद पीएमओ की ओर से यह आदेश जारी किया गया है।

रेल मंत्रालय की ओर से विदेशी कंपनियों से पटरियां खरीदे जाने के फैसले पर इस्पात मंत्रालय ने विरोध जताया था। इस्पात मंत्रालय का ऐतराज था कि जब जिंदल स्टील और स्टील अथॉरिटी आॅफ इंडिया लिमिटेड जैसी घरेलू कंपनियों की ओर से पर्याप्त आपूर्ति की जा रही थी, तब विदेशी कंपनियों को इस टेंडर में आमंत्रित करने की क्या जरूरत थी। यही नहीं इस्पात मंत्रालय ने रेलवे के इस फैसले को मोदी सरकार की मेक इन इंडिया पॉलिसी के भी विपरीत करार दिया था।

बीते तीन सालों से अधिक वक्त से सत्ता में काबिज मोदी सरकार पर नौकरियों के अवसर पैदा करने के लिए स्थानीय इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने का दबाव है। सभी सरकारी विभागों को लिखे गए पत्र में प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र ने कहा, 'यह बेहद चिंताजनक है कि पीएम मोदी की ओर से दिए गए संदेश को ज्यादातर विभागों की ओर से प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है।'

मिश्र ने अपने पत्र में लिखा, 'सभी विभागों में उच्च स्तर पर यह जिम्मेदारी होनी चाहिए कि सभी टेंडर जारी करते वक्त भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के हितों का ध्यान रखा जाए।' मिश्र की ओर से जारी किए गए पत्र को स्टील मिनिस्ट्री ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है।

इस्पात मंत्रालय की शीर्ष अधिकारी अरुणा शर्मा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है, जिसे स्थानीय कंपनियों की ओर से तैयार लोहे और स्टील के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है।

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