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अपमान का बदला लेने की थी हत्या

अपमान का बदला लेने की थी हत्या

आरोपी पकड़े मृतक की भतीजी से प्रेम करता था दीपक सभी आरोपी पांच दिन की रिमांड पर ।


ग्वालियर जनकगंज थाना क्षेत्र में सनसनीखेज अंदाज में की गई जितेन्द्र बाथम की हत्या के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने राहत की सांस ली है। मुख्य आरोपी ने जितेन्द्र की हत्या बार-बार अपमानित करने से परेशान होकर करना बताया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर ले लिया है। पूछताछ में पुलिस को संभावना है कि हत्या से संबंधित और खुलासे हो सकते हैं

विगत 13 दिसम्बर को खासगी बाजार स्थित सिंधी धर्मशाला के पास की गई साहूकार जितेन्द्र बाथम की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जितेन्द्र की हत्या दीपक पुत्र दिनेश बाथम उम्र 32 साल, कार्तिक पुत्र मुकेश खटीक उम्र 19 साल, अजय पुत्र हजारीलाल पचौरी उम्र 20 साल निवासीगण दरगाह के पास तारागंज, अंकित पुत्र मुकेश पाल निवासी तारागंज पुल के पास और जयंत पुत्र अक्षय सहगल उम्र 20 साल निवासी माधौगंज ने बेरहमी से गोली और चाकू मारकर की थी। पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि दीपक बाथम को जितेन्द्र बाथम ने रंगदारी दिखाते हुए एक बार कमरे में बंद कर पीट दिया था। दीपक मृतक की भतीजी को छेड़ता भी था। सूत्रों की मानें तो दीपक और युवती के बीच प्रेम था। जितेन्द्र इसी कारण दीपक से नाराज रहता था और जब भी दोनों का आमना-सामना होता तो जितेन्द्र आरोपी दीपक को हड़काए बिना नहीं जाने देता था। दीपक की तीन-चार बार जितेन्द्र मारपीट भी कर चुका था। दीपक को जितेन्द्र ने कपड़े तक उतारकर पीटा था, जिसका वीडियो बनाकर पोस्ट कर दिया था। दीपक को जब जितेन्द्र की करतूत का पता चला तो वह मन ही मन जितेन्द्र से टशन रखने लगा था और दीपक अपनी बेइज्जती का बदला लेने की फिराक में था। जितेन्द्र के चचेरे भाई शिवम की शादी के रिशेप्सन वाले दिन दीपक को मौका मिल गया। दीपक ने अपने साथी अजय, जयंत, मुकेश और अंकित को इकट्ठा किया और फिर गला तर करने के बाद जितेन्द्र को बुलाकर हत्या कर दी। पुलिस ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से पांच दिन की रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

दो घण्टे में ही पुलिस को हत्यारों का मिल गया था सुराग
जितेन्द्र की हत्या के बाद पुलिस ने जैसे ही अपनी पड़ताल आगे बढ़ाई तो दो घण्टे में ही सारी कहानी साफ हो गई थी। पुलिस को आरोपियों को पकड़ना रह गया था। दीपक को कैलारस में मामा के यहां से पकड़ने के बाद सभी आरोपी हाथ लग गए थे।

तुम क्या पुलिस भी जान जाएगी ।

बताया गया है कि जितेन्द्र को मौत के घाट उतारने से पहले आरोपी लोहागढ़ में शिवम के शादी कार्यक्रम स्थल पर ही मौजूद थे। यहां पर दोपहर के भोजन के समय हलवाई से उनका सामना होने पर हलवाई ने पूछा था कि तुम दूल्हे के कौन हो। तब कार्तिक ने बोला था कि तुम क्या पुलिस भी जान जाएगी और फिर हुआ भी यहीञ दीपक ने मिलकर जितेन्द्र की हत्या कर दी।

इनका कहना है

‘‘आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या बदला लेने के उद्देश्य से की गई थी।’’

संजीव नयन शर्मा
जनकगंज थाना प्रभारी

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