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लूट और डकैती के मद्देनजर "कैश वैन" के लिए नए दिशा-निर्देश

लूट और डकैती के मद्देनजर कैश वैन के लिए नए दिशा-निर्देश

नई दिल्ली। एटीएम में कैश भरने वाली वैन को लेकर गृह मंत्रालय नए दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है। कैश वैन सहित होने वाली भारी लूट और डकैती के मद्देनजर यह दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं। गृह मंत्रालय में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद संयुक्त सचिव विवेक भारद्वाज ने बताया कि पैसों को एटीएम तक पहुंचाने वाली वैन के बारे में हम इसके रेगुलेशन एक्ट में संशोधन करने जा रहे हैं। गृह मंत्रालय ने तय किया है कि शहरी क्षेत्रों में रात के 9 बजे के बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में शाम 6 बजे के बाद कैश वैन का संचालन नहीं होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तो कैश वैन का संचालन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक के बीच में ही होगा।

नए नियमों के मुताबिक कैश वैन संचालकों को कैश की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही होगा। इसके लिए जो गाइडलाइन तैयार की गई है उसमें कौन-सा वाहन होना चाहिए, किस तरह का होना चाहिए, उसमें तैनात सुरक्षाकर्मी के पास कौन-सा हथियार होना चाहिए, कैश वैन जीपीएस सिस्टम से जुड़ा होना चाहिए, पैसा पहुंचाने वालों को कैसा प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए आदि बातें तय की गई हैं।
माना यह जा रहा है कि बैंक पैसे को एटीएम तक पहुंचाने के लिए ऐसी एजेंसियां को चुनती हैं जो सबसे कम खर्च में यह करने को तैयार हो जाता है। इसके चलते सुरक्षा के मानकों से समझौता किया जाता है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा कि कैश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्राइवेट सिक्युरिटी एजेंसी रेगुलेशन एक्ट-2005 में संशोधन किया जाएगा व नए प्रावधान जोड़े जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि देश में बैंकों का पैसा एटीएम में डालने का काम निजी एजेंसियां करती हैं। ये निजी एजेंसियां 8000 से ज्यादा कैश वैन के माध्यम से देशभर में करीब 15 हजार करोड़ रूपया लाने-ले जाने का काम करती हैं। अभी तक इनके लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं थे।

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