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जयपुर महापौर के विरूद्ध लोकायुक्त ने जारी किया जमानती वारण्ट

जयपुर। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एस.एस. कोठारी ने महापौर अशोक लाहोटी को नगर निगम, जयपुर में समितियों का गठन नहीं किये जाने के सम्बन्ध में दो बार सम्मन जारी किये जाने के बावजूद भी उपस्थित नहीं होने पर सख्त रूख अपनाते हुए पांच हजार रुपए जुर्माने का कारण बताओ नोटिस एवं जमानती वारण्ट जारी किया है।

इस प्रकरण के तथ्यों के अनुसार तिलक नगर के भूखण्ड संख्या सी-100 पर बिल्डर ने दो मंजिला भवन की स्वीकृति लेकर पांच मंजिला भवन का निर्माण कर रखा है। नगर निगम द्वारा नोटिस जारी करने पर बिल्डर ने उच्च न्यायालय में मामला दायर किया तो न्यायालय ने निगम को आदेश दिया कि बिल्डर द्वारा नियमन हेतु प्रस्तुत आवेदन का निस्तारण छह सप्ताह में किया जाये तथा जब तक इस सम्बन्ध में निर्णय नहीं हो तब तक उक्त भवन को तोड़ा नहीं जाये। न्यायालय ने यह निर्णय 06.02.2012 को जारी किया था, जिसे पांच वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने पर भी बिल्डर के आवेदन का निस्तारण नगर निगम द्वारा जानबूझकर नहीं किया जा रहा है ताकि बिल्डर का भवन सुरक्षित रहे।

लोकायुक्त ने महापौर को 16 नवम्बर 2017 को उपस्थित आने के लिए सम्मन जारी किया था किन्तु महापौर उक्त दिवस को उपस्थित नहीं हुए एवं न ही अनुपस्थित रहने का कोई कारण उनके द्वारा बताया गया। इस पर लोकायुक्त ने उन्हें 08 दिसम्बर 2017 को उपस्थित रहने हेतु सम्मन जारी करते हुए उन्हें दो हजार रुपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस दिया था परन्तु इसके बावजूद महापौर 08 दिसम्बर 2017 को भी न तो उपस्थित हुए और न ही उन्होंने अनुपस्थित रहने का कोई कारण बताया।

इस पर मामले में सख्त रुख अपनाकर लोकायुक्त ने महापौर लाहोटी का दो हजार रुपये का जमानती वारण्ट एवं पांच हजार रुपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस व पूर्व का दो हजार रुपये जुर्माने का नोटिस अनुपस्थिति के लिए पुनः जारी किया है तथा यह निर्देशित किया है कि महापौर 18 जनवरी 2018 को स्वयं उपस्थित होकर बताएं कि उक्त मामले में अब तक क्या किया है।

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