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केवल दस झोलाछापों पर ही हो सकी कार्रवाई

केवल दस झोलाछापों पर ही हो सकी कार्रवाई

-नौ दलों में से सिर्फ तीन दल ही हैं सक्रिय
-खुलेआम चल रही हैं अवैध क्लीनिक
ग्वालियर। ग्वालियर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधीश के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एस. जादौन ने नौ दल गठित किए थे, लेकिन अभी तक शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ तीन दल ही सक्रिया हैं। शेष छह दलों का कोई अता-पता नहीं है, जिसके चलते झोलाछाप चिकित्सकों पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पा रही है और वह खुलेआम अपनी क्लीनिक चला रहे हैं।

जानकारी के अनुसार गठित किए गए नौं दलों में से पांच दलों को शहर में और चार दलों को ग्रामीण क्षेत्रों में छापामार कार्रवाईकरना थी। इनमें से मुरार क्षेत्र में कार्रवाई की जिम्मेदारी ईएनटी के डॉ. पी.एन. कुबेर और झांसी रोड क्षेत्र की जिम्मेदारी डॉ. ए.के. सिंघल को सौंपी गई थी, जिनमें से डॉ. कुबेर ने स्वास्थ्य ठीक न होने के चलते दल में शामिल होने से मना कर दिया था और डॉ. सिंघल छुट्टी पर चल रहे हैं। उनकी जगह दूसरे चिकित्सकों को दल में शामिल करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा था, लेकिन अभी तक अन्य चिकित्सकों को शामिल नहीं किया गया है। इसी के चलते अभी तक शहर में तीन दलों द्वारा सिर्फ दस क्लीनिकों पर ही कार्रवाई हो पाई है। वहीं डबरा, भितरवार, हस्तिनापुर, घाटीगांव, मोहना सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गठित किए गए दलों ने तो अभी अपनी कार्रवाई ही शुरू नहीं की है। इस कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम झोलाछाप चिकित्सक अपनी दुकानें चला रहे हैं। इस मामले में सीएमएचओ डॉ. जादौन का कहना है कि जल्द ही मुरार और झांसी रोड क्षेत्र में कार्रवाई शुरू की जाएगी।

जिला प्रशासन का भी नहीं मिल रहा सहयोग

जिलाधीश ने झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस कार्रवाई में जिला प्रशासन के अधिकारियों का सहयोग न मिलने से स्वास्थ्य विभाग को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी झोलाछापों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।

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