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तीन माह बाद परीक्षा, बच्चों की तैयारी अधूरी

तीन माह बाद परीक्षा, बच्चों की तैयारी अधूरी

-मामला शासकीय पागनवीसी विद्यालय का
-गणित के प्रारंभिक पाठों के प्रश्न तक हल करना नहीं आता बच्चों को

ग्वालियर।
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा मार्च माह में होने वाली हैं। इस परीक्षा को शुरू होने में लगभग तीन माह का समय शेष बचा हुआ है। परीक्षा का समय और बचे हुए कोर्स को देखते हुए बच्चों की तैयारियां अभी अधूरी हैं। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पागनवीसी के बच्चों की स्थिति यह है कि इन बच्चों को गणित के शुरू के पाठों के प्रश्न तक हल करना नहीं आता है, जबकि अतिरिक्त सवालों की बात तो दूर की है। वहीं शिक्षक भी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि इन बच्चों की नींव शुरू से ही कमजोर है। हम इनको कितना भी पढ़ा लें, पर इनको आगे बढ़ाना बहुत कठिन है।

उल्लेखनीय है कि तमाम अनियमितताओं को लेकर जिलाधीश राहुल जैन ने विगत दिवस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान जिलाधीश को यहां के अध्यापक और बाबू रास्ते में मोटर साइकिल पर घूमते हुए मिले थे। वहीं कई शिक्षक विद्यालय से गायब भी थे। दो शिक्षक श्रीमती नलिनी श्रीवास्तव और शालिनी सक्सेना भी स्कूल से नदारत थीं। इस पर जिलाधीश ने नाराजगी भी व्यक्त की थी। इन सबके बावजूद इस विद्यालय में बच्चों के शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं आया है। इस विद्यालय के न तो शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के प्रति संवेदनशील हैं और न ही बच्चे पढ़ने के लिए चिंतित हैं।

जानें बच्चों की शिक्षा का स्तर

-कक्षा दसवीं के सौरभ कुशवाह को गणित में रचना और त्रिभुजों की परिभाषा तक नहीं आती है।
-कक्षा दसवीं के विवेक चिनगरिया को प्रश्नावली 5.3 का पहला सवाल तक हल करना नहीं आता है।
-हर्षित चौहान गणित की प्रश्नावली 2.1 का पहला सवाल तक नहीं आता है।
-रितिक माहौर को गणित की प्रश्नावली 8.2 का कोई भी सवाल नहीं आता है।
यह जवाब दिए शिक्षकों ने
-वरिष्ठ अध्यापक सरिता कुशवाह ने कहा कि बच्चों की नींव शुरू से ही कमजोर है। हम इन बच्चों को नियमित ड्रेस पहनकर आने के लिए बोलते हैं, लेकिन यह कोई न कोई बहाना बना देते हैं।
-अध्यापक नलिनी श्रीवास्तव का कहना है कि हम तो इनको समझाते हैं, लेकिन यह पढ़ाई में अधिक रुचि नहीं दिखाते हैं। इन्होंने पहले से पढ़ाई नहीं की है, जिससे इनके ज्ञान का स्तर कमजोर है।

इनका कहना है

‘विद्यालय के जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर हैं। हम उन पर बहुत ध्यान दे रहे हैं। ऐसे बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। ’

शिवओम सक्सेना
प्रभारी प्राचार्य
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पागनवीसी

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