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हाथ की जाम नस को खोलकर शुरू किया रक्त प्रवाह, पेरीफेरल एंजियोग्राफी करके खराब होने से बचाया हाथ

हाथ की जाम नस को खोलकर शुरू किया रक्त प्रवाह, पेरीफेरल एंजियोग्राफी करके खराब होने से बचाया हाथ

महिला के पूरे हाथ में था ब्लॉकेज

ग्वालियर/स्वदेश डिजिटल। जयारोग्य चिकित्सालय में पहली बार पेरीफेरल एंजियोग्राफी करके चिकित्सकों ने एक महिला का हाथ खराब होने से बचा लिया। महिला के हाथ की नस पूरी तरह ब्लॉक हो गई थी। इस कारण उसका रक्तचाप सामान्य नहीं हो पा रहा था, जिसके उपचार के लिए वह कई चिकित्सकों के पास पहुंची, लेकिन उसका रक्तचाप सामान्य नहीं हो सका। महिला की परेशानी तब ज्यादा बढ़ गई, जब उसके हाथ में असहनीय दर्द शुरू हो गया। इस पर वह जयारोग्य चिकित्सालय के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राम ए. रावत के पास पहुंची, जहां उसकी पेरीफेरल एंजियोग्राफी की गई।

45 वर्षीय महिला शांति देवी शर्मा को कई दिनों से रक्तचाप की शिकायत थी। कई चिकित्सकों से उपचार कराने के बाद भी उनकी बीमारी ठीक नहीं हुई और उनके बांए हाथ में असहनीय दर्द शुरू हो गया, जिसके उपचार के लिए वह जयारोग्य चिकित्सालय के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राम. ए. रावत के पास पहुंचीं, जहां परीक्षण के दौरान पता चला कि उनके बांए हाथ की नाड़ी नहीं चल रही है। इस पर डॉ. रावत ने रेडियोलॉजी विभाग में उनकी जांच कराई, जिसमें पता चला कि उनके एक हाथ की नाड़ी ऊपर से पूरी तरह ब्लॉक है। इस पर उन्होंने रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. मनोहर राठौर से चर्चा कर उनकी रेडियोलॉजी विभाग में ही पेरीफेरल एंजियोग्राफी की। एंजियोग्राफी के दौरान डॉ. रावत व डॉ. राठौर ने नाड़ी में दवा व तार से पूरा ब्लॉकेज खोला। इसके बाद महिला की नाड़ी में आंतरिक रूप से रक्त प्रवाह शुरू हो सका। डॉ. रावत ने बताया कि जब महिला अपने हाथ में दर्द की शिकायत लेकर आई थी तो उसका उपचार यहां नि:शुल्क किया गया। अगर महिला की एंजियोग्राफी नहीं की जाती तो उसका हाथ काला पड़ने के साथ ही गलना शुरू हो जाता और अगर समय पर उपचार न मिलता तो महिला को अपना हाथ खोना पड़ता, लेकिन अब महिला एक दम स्वस्थ है और निरंतर परीक्षण के लिए आती है।

अभी तक नहीं हुई यहां एंजियोग्राफी

डॉ. रावत ने बताया कि जयारोग्य चिकित्सालय में इससे पहले इस तरह की एंजियोग्राफी नहीं की गई है, लेकिन मरीज की स्थिति को देखते हुए रेडियोलॉजी विभाग के चिकित्सक डॉ. मनोहर से बात कर रेडियोलॉजी विभाग में ही पेरीफेरल एंजियोग्राफी की गई, जो पहली बार हुई है।

निजी अस्पताल में आता साठ हजार से एक लाख का खर्चा

अगर महिला पेरीफेरल एंजियोग्राफी किसी निजी अस्पताल में कराती तो उसे इसके लिए 60 हजार से एक लाख रुपए तक खर्च करना पड़ते, लेकिन जयारोग्य अस्पताल में यह नि:शुल्क की गई।

गलत खान-पान या नशीले पदार्थों से होती है यह बीमारी

डॉ. रावत ने बताया कि यह बीमारी दिल से जुड़ी हुई होती है। अगर व्यक्ति को निरंतर रक्तचाप, मधुमेह, कोलेस्ट्रोल की अधिक मात्रा हो तो उसे यह बीमारी बन जाती है। इसके साथ ही सिगरेट पीना और गुटखा खाने के कारण भी यह बीमारी लोगों में हो जाती है।

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