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भक्तों के कष्ट हरते हैं मंगल मूर्ति पवनसुत हनुमान

भक्तों के कष्ट हरते हैं मंगल मूर्ति पवनसुत हनुमान

# मंगलवार को लगती है भक्तों की भीड़
# 50 साल पुराना है सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर

प्रशांत शर्मा

अपने भक्तों के हर दु:ख हरने वाले पवनपुत्र मारुतिनंदन को चोला चढ़ाने से जहां सकारात्मक ऊर्जा मिलती है वहीं बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

यूं तो पूरा शहर ही आस्था और श्रद्धा का केंद्र है मगर यहां कुछ जगहें ऐसी हैं जहां के प्रति लोगों के मन में श्रद्धा है। ऐसा ही एक स्थान है शहर का जयेन्द्र गंज स्थित सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर। इस मंदिर में पूजा अर्चना के लिए सिर्फ जयेन्द्रगंज के ही लोग नहीं, बल्कि इस चौराहे से निकलने वाले हर दर्शनार्थी इस मंदिर में पहुंचते हैं। हर रोज मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है।

बताया जाता है कि पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं , और दर्शन मात्र से ही चित्त को असीम शांति मिलती है। यहां आने वाले श्रद्धालु की मांगी गई मुराद पूरी होती है। यहां आने वाले भक्तों की झोली खाली नहीं रहती। यहां के हनुमान जी गुड़ चने के प्रसाद से ही प्रसन्न होते हैं। मंदिर में हर दिन ही भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की विशेष भीड़ रहती है।

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