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लम्बी दूरी की ट्रेनों से हट सकती है पैंट्रीकार

लम्बी दूरी की ट्रेनों  से हट सकती है पैंट्रीकार

यात्रियों को मिल सकता है बेहतर और साफ खाना

ग्वालियर| यात्री गण कृपया ध्यान दें, अब रेलवे आपको बेहतर व साफ खाना वो भी गर्मागर्म उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है। जिसके लिए रेलवे अब ट्रेनों से पेंट्रीकार हटाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। जिसके बाद रेलवे अब इसकी जिम्मेदारी भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को दे सकता है।

ज्ञात रहे कि ट्रेन के पेंट्रीकार के खाने की अधिकांश शिकायत आती रहती है। इसे देखते हुए ट्रेनों में खानपान के लिए नई कैटरिंग पॉलिसी बनाई गई है। नई पॉलिसी में यात्रियों का खास ध्यान रखा गया है। सूत्रों की मानें तो इस योजना के तहत कैटरिंग का काम पूरी तरह से आईआरसीटीसी को सौंपा सकता है। अगर आईआरसीटीसी को यह जिम्मेदारी पूरी तरह से मिल जाती है तो काफी हद तक यात्रियों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता में सुधार होगा।

खाना खराब दिया तो होगी कार्रवाई

आईआरसीटीसी के क्षेत्र में झांसी से लेकर छपरा तक लगभग 200 स्टेशन पड़ते हैं। आईआरसीटीसी इनमें से करीब 40 से ज्यादा स्टेशनों के करीब बेस किचन तैयार करेगी। इसके साथ ही खाना तैयार करने और उसे यात्रियों के बीच बांटने का काम दो अलग एजेंसी निभाएगी। ऐसे में शिकायतों पर कार्रवाई करना आसान हो जाएगा। और अगर खाने में गड़बड़ी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।

रेलवे स्टेशनों के आस पास बनेंगे किचन

पहले रेल में कैटरिंग की व्यवस्था ठेकेदारों के हाथों में थी। आईआरसीटीसी के अधिकारी के अनुसार ट्रेनों में अब खाना पेंट्रीकार के बजाय बेस किचन में बनाया जाएगा। ये बेस किचन रेलवे स्टेशनों के आसपास बनाए जाएंगे ताकि यात्रियों को गर्म और ताजा खाना मुहैया कराया जा सके। जैसे कि अगर आप ग्वालियर से भोपाल की यात्रा कर रहे हैं तो झांसी या बीना के किचन से यात्रियों को खाना उपलब्ध कराया जाएगा।

खाने की गुणवत्ता पर भी दिया जाएगा विशेष ध्यान

♦ ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

♦ यात्रियों को चाय और बिस्कुट भी अच्छे उपलब्ध करवाए जाएंगे।

♦अगर किसी वेंडर ने तय कीमत से अधिक राशि वसूली की तो आईआरसीटीसी कार्रवाई करेगी।

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