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लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

जनकगंज में चल रहा था गोरखधंधा, तीन गिरफ्तार

भिण्ड पुलिस ने किया स्टिंग ऑपरेशन

ग्वालियर/भिण्ड। शहर में लिंग परीक्षण को रोकने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े स्तर पर अभियान चलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की पोल आज उस समय खुल गई जबकि शहर के जनकगंज क्षेत्र में अचानक पहुंची भिण्ड पुलिस ने यहां रिलायबल अल्ट्रासाउण्ड सेंटर पर स्टिंग ऑपरेशन करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन इसकी जानकारी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उस समय लगी जबकि लगभग पूरी कार्रवाई हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार बनखण्डेश्वर रोड, भिण्ड निवासी श्रीमती नीरज पाल पत्नी राजीव पाल के यहां पुलिस को गर्भपात केन्द्र संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जब वहां भिण्ड पुलिस ने छापा मारा तो एक नाबालिग लड़की का गर्भपात करते हुए श्रीमती पाल को गिरफ्तार किया गया था, इसके साथ ही पुलिस ने छह आरएमपी चिकित्सकों को भी पकड़ा था। इन सभी से पूछताछ के बाद पता चला था कि गर्भपात से पहले लिंग परीक्षण का काम हनुमान चौराहा, जनकगंज,ग्वालियर स्थित रिलायबल सोनोग्राफी सेन्टर पर कराया जाता था। इसके बाद शुक्रवार की सुबह लगभग 10.30 बजे भिण्ड पुलिस ने दो महिला आरक्षकों दीक्षा भदौरिया एवं नीता टरेटिया को मरीज बना कर इस सेंटर पर भेजा और लिंग परीक्षण कराने की बात कही जिस पर वहां उपस्थित कर्मचारी प्रकाश कुशवाह एवं सुरेन्द्र कुशवाह आरक्षक का लिंग परीक्षण करने के लिए तैयार हो गए और जैसे ही अल्ट्रासाउण्ड करने के लिए उन्होंने आरक्षक को टेबल पर लेटाया वैसे ही उन्हें पुलिस ने दबोच लिया। इसके बाद कार्रवाई की सूचना ग्वालियर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी दी थी, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. बिन्दु सिंघल एवं डॉ. मनीष शर्मा वहां पहुंच गए, इसके साथ ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार डॉ. मधुलिका तोमर पहुंची थी।

चिकित्सक नहीं था उपस्थित
अल्ट्रसाउण्ड केन्द्र डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डे के नाम से संचालित था, लेकिन डॉ. पाण्डे वहां उपस्थित नहीं थे, बाद में डॉ. पाण्डे को फोन कर बुलाया गया और तीनों आरोपियों को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही शाम लगभग 5 बजे तक हुई कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के दल द्वारा यहां से अल्ट्रासाउण्ड की मशीन, दस्तावेज, सहित अन्य सामान भी जब्त किया गया।

नहीं मिले चिकित्सकों के पर्चे : इस सोनोग्राफी केन्द्र पर जो अल्ट्रसाउण्ड किए जा रहे थे, उसमें से किसी भी अल्ट्रसाउण्ड की पर्ची पर चिकित्सक द्वारा लिखे गए पर्चे की फोटोकॉपी नहीं पाई गई, इसके साथ ही जब अधिकारियों ने पूछा कि चिकित्सक के पर्चे कहां है तो संचालक ने बताया कि वह चिकित्सकों को अपने केन्द्र के पर्चे छपवा कर दे आता था और चिकित्सक भी उसी पर अल्ट्रासाउण्ड के लिए लिख देते थे।

सुरेन्द्र कुशवाह है अप्रशिक्षित: कार्रवाई के दौरान सुरेन्द्र कुशवाह को अल्ट्रसाउण्ड करते पकड़ा गया है, वह एक इसक लिए प्रशिक्षित नहीं है, उसके बाद भी वह अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र पर मरीजों की जांच कर रहा था।
हुनमान चौराहे के नाम से था रजिस्टर: केन्द्र हनुमान चौराहे के नाम से रजिस्टर था, लेकिन यह इसका संचालन कॉॅस्मो टावर जनकगंज में किया जा रहा था, उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
ट्रेकिंग डिवाइस भी था खराब: अल्ट्रासाउण्ड में लगे ट्रेकिंग डिवाइस की जब जांच की गई तो पता चला कि ट्रेकिंग डिवाइस में पिछले तीन माह का रिकॉर्ड ही नहीं था। उल्लेखनीय है कि 30 अगस्त 16 को एक नाबालिग लड़की का अवैध तरीके से गर्भपात करते हुए जिला मुख्यालय भिण्ड पर निजी नर्स श्रीमती नीरज पाल को पकड़ा गया, जिसके संबंध में थाना कोतवाली में धारा 312, 120बी भादंवि एवं गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971 की धारा 3, 4क, 5 पंजीबद्ध किया गया। उक्त प्रकरण में महिला नर्स व उसके पति सहित अन्य आरोपी नीरज बाल्मीक सह अभियुक्त डॉ. विशंभर सिंह कुशवाह निवासी शास्त्री नगर ए ब्लॉक, डॉ. इन्द्रराज सिंह भदौरिया निवासी महावीर गंज, बृजभान सिंह बघेल निवासी शास्त्री चौराहा, सुनील शर्मा निवासी चतुर्वेदी नगर एवं बबलू जाटव निवासी मेहगांव को सह अभियुक्त बनाया गया। उपरोक्त सभी आरोपियों को 31 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

इनका कहना है:-
अल्ट्रासाउण्ड केन्द्र से दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। इनकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. बिन्दू सिंघल
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

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