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लंदन: चीनी दूतावास के सामने बलूचों ने किया प्रदर्शन, मोदी के समर्थन में लगाए नारे

लंदन: चीनी दूतावास के सामने बलूचों ने किया प्रदर्शन, मोदी के समर्थन में लगाए नारे

लंदन: चीनी दूतावास के सामने बलूचों ने किया प्रदर्शन, मोदी के समर्थन में लगाए नारे

लंदन| स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी की ओर से बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की बुरी स्थिति पर चिंता जाहिर करने के बाद से पाकिस्तान की बेचैनी काफी बढ़ गई है। बलूचिस्तान और पीओके को लेकर भारत की नई रणनीति से पाकिस्तान बौखला गया है। बीते दिनों पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तानी अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए।

पीओके, गिलगित बाल्टिस्तान के बाद अब लंदन में भी पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। लंदन में बलोच और सिंधी नेताओं ने सोमवार को चीनी दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। इन नेताओं ने पाकिस्तान और चीन इकॉनामिक कॉरिडोर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बता दें कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान का विरोध दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।

लंदन में इन प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘है हक हमारा आजादी’ और ‘सीपीईसी नहीं चाहिए’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने बलोचिस्तान के लिए पीएम मोदी के समर्थन में भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारी कह रहे थे कि ‘कदम बढ़ाओ मोदीजी, हम तुम्हारे साथ हैं’। इसके अलावा सीपीईसी के विरोध में भी नारेबाजी की गई।

वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस चेयरमैन लखु लुहाना ने कहा कि हम सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर) प्रॉजेक्ट को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। बलोच नेता नूरदीन मेंगल ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बलोच लोगों की सहमति के बगैर पाक और चीन बलोचिस्तान में कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन और पाक की यही कोशिश रहती है कि जो चीज छीन सकते हो वो छीनो।

इससे पहले, जर्मनी में शनिवार को निर्वासित बलोच लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी की और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्‍वतंत्रता दिवस पर बलूच लोगों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया था।

दूसरी ओर, बलूचिस्‍तान मसले को लेकर चीन ने भारत को धमकी दी है। एक चीनी विशेषज्ञ ने चेतावनी दी कि यदि 46 अरब अमेरिकी डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर, जिसका केंद्र बलूचिस्तान क्षेत्र ही है, को कोई ‘भारतीय कारक’ बाधित करता है तो चीन और पाकिस्तान संयुक्त कदम उठाएंगे। एजेंसी के अनुसार, चीन के एक प्रभावी थिंक टैंक ने कहा है कि अगर भारत के किसी 'षड्यंत्र' ने बलूचिस्तान में 46 अरब डालर लागत की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना को बाधित किया तो फिर चीन को 'मामले में दखल देना पड़ेगा।'

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