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अब यूआईएन से जारी होगा शस्त्र लाइसेंस!

गृह विभाग लाइसेंस प्रक्रिया को कठिन करने बना रहा योजना

ग्वालियर। ग्वालियर अंचल में हथियार प्रेम किसी से छिपा नहीं है। हर साल लाइसेंसी हथियारों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले के 33 शहरी और ग्रामीण थानों में लाइसेंसी शस्त्र की संख्या 28 हजार 500 पार कर चुकी है। कमर पर पिस्टल और रिवाल्वर व कंधे पर रायफल लगाने की होड़ में सबसे ज्यादा युवा वर्ग जिलाधीश कार्यालय स्थित शस्त्र विभाग में आवेदन देने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन लगातार हर्ष फायर और विवाद में लाइसेंसी हथियार से जान लेने के कई मामले सामने आने के बाद गृह विभाग ने चिंता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से ग्वालियर चंबल संभाग में लाइसेंस प्रक्रिया को और ज्यादा कठिन करने के लिए कवायद शुरू कर दी है।

सूत्र बताते हैं कि गृह विभाग ने पिस्टल और रिवाल्वर व रायफल का लाइसेंस लेने की प्रक्रिया और ज्यादा कठिन करने की तैयारी करने की योजना बनाना शुरू कर दी है। इसके लिए 56 साल पुराने शस्त्र अधिनियम में संशोधन की बात चल रही है।

नए लाइसेंस की जानकारी ऑनलाइन
सब कुछ ठीक रहा तो नई व्यवस्था एक साल के बाद से लागू हो जाएगी। अब हथियार का लाइसेंस यूनिक आइडेंटिफिकेशन नम्बर (यूआईएन) से ही जारी होगा। हथियारों की जानकारी अब तक सिर्फ जिला स्तर पर उपलब्ध होती है, लेकिन अब गृह मंत्रालय के पास भी इसकी सूची रहेगी। शस्त्र शाखा के अफसरों के अनुसार शस्त्र लाइसेंस के नियमों को सार्वजनिक किया जा चुका है। इन नियमों के अनुसार हथियार का लाइसेंस लेने के लिए जरूरी दस्तावेजों की संख्या कम हो जाएगी। अभी ये दस्तावेज लगभग एक दर्जन हैं। पुलिस सत्यापन एक से तीन महीने के बीच करना होगा, जो हथियारों पर निर्भर करेगा। अब हथियार का लाइसेंस यूनिक आइडेंटिफिकेशन नम्बर (यूआईएन) से ही जारी होगा। बिना यूआईएन के हथियारों को वैध नहीं माना जाएगा, जिससे इनका रिकॉर्ड रखने में भी आसानी होगी। इस योजना के क्रियान्वयन के बाद अब हर हथियार की जानकारी सीधा गृह मंत्रालय के पास रहेगी। कौन सा हथियार कब जारी हुआ, उसका लाइसेंस रिन्यू हुआ कि नहीं, समेत अन्य जानकारियां ऑनलाइन फीड होगी।

शस्त्र रखने की होड़ में युवा आगे

यहां आपको बता दें कि हथियार रखने के शौकीन सबसे ज्यादा युवा वर्ग है। इन्होंने फसल रक्षा और आत्मरक्षा के नाम पर लाइसेंस ले रखा है। जिले के 28 हजार 500 लाइसेंस का ऑनलाइन रिकार्ड फीड हो चुका है। इनमें से एक हजार से ज्यादा लाइसेंस गृह विभाग ने एनडीएएल में अंकित न होने पर निलंबित कर दिए हैं। शस्त्र विभाग के सूत्र बताते हैं कि शस्त्र संख्या रोकने के लिए शासन ने भी गृह विभाग से कहा है।

सात बिंदुओं की जानकारी होगी ऑनलाइन
लाइसेंसी हथियार रखने वालों की सात बिंदुओं की जानकारी ऑनलाइन रहेगी। इसमें रजिस्ट्रेशन नम्बर, हथियार का प्रकार, कहां की वैलेडिटी (तहसील, जिला, प्रदेश या राष्ट्रीय), हथियार कब जारी हुआ, उसकी दिनांक का भी उल्लेख होगा। इसके अलावा लाइसेंस कब से कब तक के लिए मान्य है और हथियार लेने का कारण सहित किसी अपराध में इस्तेमाल तो नहीं, आदि शामिल हैं।

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