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अब मई तक झेलना पड़ेगी बिजली कटौती

अब मई तक झेलना पड़ेगी बिजली कटौती

ग्वालियर | विद्युत वितरण कम्पनी ने मानसून पूर्व संधारण के नाम पर शहर में बिजली कटौती का शेड्यूल लागू कर दिया है। इसके चलते आगामी 31 मई तक शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आए दिन पांच से छह घण्टे की बिजली कटौती की जाएगी। इससे भीषण गर्मी के दिनों में शहरवासियों की मुश्किलें बढऩे वाली हैं।

जानकारी के अनुसार बारिश के दिनों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। इस दृष्टि से विद्युत वितरण कम्पनी हर साल अपै्रल से मई तक विद्युत उपकेन्द्रों, ट्रांसफार्मरों, 33 व 11 के.व्ही. लाइनों पर संधारण का कार्य करती है। हालांकि यह बात अलग है कि दो माह तक चलने वाले इस संधारण के बाद भी जरा सी आंधी आने या बारिश होते ही पूरे शहर की बिजली गुल हो जाती है। बहरहाल इस बार भी विद्युत वितरण कम्पनी ने 16 अपै्रल से संधारण के नाम पर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार पांच से छह घण्टे की बिजली कटौती शुरू कर दी है।

विद्युत वितरण कम्पनी शहर वृत्त के अधिकारियों का हालांकि यह कहना है कि 31 मई तक पूरे शहर में विद्युत स्टेक्चर का मानसून पूर्व संधारण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद विशेष परिस्थिति को छोड़कर संधारण कार्य के लिए परमिट नहीं दिया जाएगा, लेकिन सूत्रों की मानें तो तय समयावधि में संधारण का यह कार्य पूरा हो पाना संभव नहीं है क्योंकि कम्पनी में मैदानी कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की भारी कमी है। ऐसे में माना जा रहा है कि मानसून पूर्व संधारण का यह कार्य जून में मानसून आने तक चलता रहेगा।

बुधवार को इन क्षेत्रों में गुल रही बिजली
मानसून पूर्व संधारण के क्रम में बुधवार को 33 के.व्ही. लक्ष्मीगंज और 11 के.व्ही. जनकगंज विद्युत फीडरों पर संधारण कार्य किया गया। इस दौरान काका की बगिया, लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम रोड, निम्बा जी की खोह, हनुमान चौराहा, त्रिवेदी नर्सिंगहोम तक, जीवाजीगंज, नागदेव गली, रामद्वारा, जच्चाखाना, एबी रोड, सूबे की पायगा, सात भाई की गोठ, टोपे वाला मोहल्ला, नारायण कॉलोनी, सांडे बाबा की बगिया, जनकताल क्षेत्र, इस्लामपुरा, गणेश मंदिर, सुभाष नगर, पंचवटी कॉलोनी, आदर्श मिल, चावड़ी बाजार, खासगी बाजार, बंजारा शाह का नाला, छत्री मंडी, खंडेलवाल धर्मशाला, भूरे बाबा की बस्ती, जनकगंज, फू्रट मंडी, कदम साहब का बाड़ा आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रही। खास बात यह है कि बिजली कटौती का समय सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया था, लेकिन संधारण कार्य में विलम्ब होने से बिजली आपूर्ति दोपहर करीब एक बजे तक बहाल हो पाई। इस तरह पांच घण्टे की बजाय लगातार छह घण्टे बिजली कटौती की गई। इस दौरान भीषण गर्मी में लोग पसीना-पसीना होते रहे।

अब खम्बों पर लगाए जा रहे हैं दो जम्फर
जम्फर टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित न हो। इसके लिए विद्युत वितरण कम्पनी विद्युत खम्बों पर एक की बजाय दो-दो जम्फर लगवा रही है। बताया गया है कि विद्युत लाइनों पर लगे जम्फरों पर कभी-कभी गिलहरी या पक्षी के बैठ जाने से जम्फर टूट जाता है और जम्फर पर बैठा जीव झुलस कर जमीन पर जा गिरता है, जिससे बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। इस तरह की घटनाएं गिलहरियों के कारण ज्यादा होती हैं। इस तरह के फाल्ट को दुरुस्त करने में काफी समय लगता है, इसलिए विद्युत वितरण कम्पनी अब प्रत्येक खम्बे पर दो-दो जम्फर लगवा रही है। विद्युत अधिकारियों के अनुसार खम्बों पर दो जम्फर लगाने से यदि गिलहरी या कोई पक्षी जम्फर पर बैठेगा तो विद्युत उपकेन्द्र से अल्प समय के लिए बिजली आपूर्ति तो बाधित होगी, लेकिन जम्फर नहीं टूटेगा और उपकेन्द्र से तत्काल बिजली आपूर्ति चालू की जा सकेगी।

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