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लाखों रुपए की मशीनें खा रही हैं धूल

लाखों रुपए की मशीनें खा रही हैं धूल

लाखों रुपए की मशीनें खा रही हैं धूल

जांच और इलाज के लिए भटक रहे मरीज

सुजान सिंह बैस/ग्वालियर। शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार देने का दावा तो किया जाता है लेकिन यह हकीकत में कितना खरा उतरता है, यह उन मरीजों की परेशानी को देखकर पता चल जाता है जो कि इलाज के लिए इन अस्पतालों में पहुंचते हैं। इसका एक उदाहरण किला गेट रोड स्थित सिविल अस्पताल में लम्बे समय से खराब पड़ी एक्सरा मशीनें हैं जो कि अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी के कारण धूल खा रही हैं। वहीं मरीजों को एक्सरा कराने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैंं।

भले ही स्वास्थ्य अधिकारी मरीजों को बेहतर उपचार देने के दावे कर रहे हों लेकिन सच तो यह है कि इन अधिकारियों को मरीजों की परेशानी दिखती ही नहीं हैं। यहां तक की मशीन खराब होने की सूचना जिलाधीश डॉ. संजय गोयल को भी है उसके बाद भी उन्होंने इस मशीन को ठीक कराने में कोई रूचि नहीं दिखाई। अस्पताल में लम्बे समय से तीन माह पहले एक्सरे मशीन खराब हो गई थी, जिसके लिए बजट ना होने की बात कह कर मशीन को ठीक नहीं कराया गया। जिससे मरीजों को आए दिन परेशानी हो रही है। वहीं एक्सरे मशीन खराब होने के कारण गंभीर बीमारी वाले मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। टेस्ट और ऑपरेशन के लिए मरीजों को बाहर के अस्पताल या क्लिनिक का सहारा लेना पड़ रहा है।

रेडियोलॉजिस्ट का अता-पता नहीं
सिविल अस्पताल में आए दिन रोडियोलॉजिस्ट के अनुपस्थित होने के कारण भी मरीजों को अल्ट्रासाउण्ड के लिए बाहर जाना पड़ता है। अस्पताल में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउण्ड कराने के लिए आती हैं, लेकिन रोडियोलॉजिस्ट की मनमानी के चलते महिलाओं को मजबूरी में बाहर से अल्ट्रासाउण्ड कराना पड़ता है।

ऑपरेशन के लिए भी मरीज परेशान
सिविल अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर (ओटी)भी सिफ देखने के लिए ही है। करीब एक वर्ष पहले सिविल अस्पताल का रिनोवेशन किया गया था, जिसके चलते ओटी को बंद कर दिया गया। ओटी बंद होने के कारण अस्पताल में एक वर्ष से एक भी सर्जरी नहीं की गई, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल की ओटी को चालू करने के लिए विधायक जयभान सिंह पवैया ने पिछले वर्ष ही यहां के निरीक्षण के दौरान जिलाधीश, सिविल सर्जन डॉ. डी.डी. शर्मा एवं मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कम्ठान को ओटी ठीक करवा कर उसे शुरू कराने के लिए कहा था। जिसके बाद लोकनिर्माण विभाग द्वारा ओटी को सुधारने के लिए प्रस्ताव तो बना दिया गया लेकिन प्रस्ताव को आज तक पास नहीं किया गया।

रोजाना 600 से अधिक मरीज पहुंच रहे अस्पता
सिविल अस्पताल में रोजाना 600 से अधिक मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन अफसोस मशीन का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। उन्हें सुबह से शाम तक अस्पताल परिसर में ही चक्कर लगाना पड़ रहा है।

इन्होंने कहा

कम्पनी द्वारा मशीन को सही करने के लिए एडवांस में राशि मांगी जा रही है, इसके लिए मशीन को सही कराने के लिए रोगी कल्याण समित से पैसा दिया जाएगा।

डॉ. संजय गोयल, जिलाधीश

मुख्य चिकित्सा एवं स्थास्थ्य अधिकारी डॉ. अनूप कम्ठान द्वारा रोगी कल्याण समिति से मशीन को सही करने के लिए राशि देने से मना कर दिया गया था, लेकिन अब जिलाधीश के आदेश अनुसार रोगी कल्याण समिति से मशीन को सही करवा कर बाद में स्टेट बजट से समिति को पैसा दे दिया जाएगा।

डॉ. डी.डी. शर्मा, सिविल सर्जन

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