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अधिकारी प्री-एक्टिव होकर समन्वय बनाकर कार्य करें : उद्योग मंत्री

'गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या न हो'

पेयजल वितरण व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को दिए निर्देश

शिवपुरी। वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने नगर की पेयजल वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी प्री-एक्टीव होकर कार्य करें। जिससे ग्रीष्मकाल में नागरिकों को पेयजल आसानी से सुलभ हो और किसी प्रकार की परेशानी न आए। इस कार्य में स्थानीय पार्षदों से चर्चा कर उनका सहयोग लें। उद्योग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने उक्ताशय के निर्देश जल वितरण व्यवस्था के संबंध में आयोजित संबंधित विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा की जा गई तैयारियों एवं पार्षदों की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने बताया कि पेयजल परिवहन के निराकरण हेतु नगर को आठ पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे।

स्थानीय सर्किट हाउस में आज आयोजित बैठक में नगर पालिका परिषद शिवपुरी के अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, विधायक पोहरी प्रहलाद भारती, जिला पुलिस अधीक्षक यूसुफ कुरैशी, अपर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रणवीर कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यपालन यंत्री एस.के. जैन सहित नगर पालिका परिषद, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, लोक निर्माण आदि विभागों के जिला अधिकारी के साथ पार्षदगण उपस्थित थे। उद्योग मंत्री ने नगर पालिका द्वारा नागरिकों को ग्रीष्मकाल में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तैयार की गई रणनीति एवं कार्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि वार्ड वाइज, योजनाबद्ध तरीके से पेयजल वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करें।

वार्डों में जाने वाले टैंकरों की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से दें
उद्योग मंत्री श्रीमती सिंधिया ने निर्देश दिए कि जिन वार्डों में टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। उन वार्डों में रहने वालों लोगों को पेयजल वितरण की जानकारी एक दिन पूर्व समाचार पत्रों एवं अन्य प्रचार-प्रसार के माध्मयों से दी जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल वितरण के कार्य में वार्ड पार्षदों का भी सहयोग लें और जिन वार्डों में पेयजल की समस्या गंभीर है, उन वार्डों में प्राथमिकता के आधार पर पेयजल वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने पार्षदों से भी अपेक्षा की कि वे अपने वार्ड के प्रभावित इलाकों की जानकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दें।

पेयजल समस्या के निराकरण हेतु कंट्रोल रूम स्थापित करें
उद्योग मंत्री ने निर्देश दिए कि पेयजल समस्या के संबंध में क्षेत्र वार कंट्रोल रूम स्थापित किए जाए, जिन पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहे। इनका टेलीफोन नंबर भी प्रसारित किए जाए। इन पर मिलने वाली पेयजल की शिकायत एवं समस्याओं को तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ सुनें। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि पार्षदों के लिए भी एक हेल्पलाइन नंबर दिया जाए। जिससे पार्षद अपने वार्ड की समस्या से अधिकारी को अवगत करा सके। उन्होंने कहा कि पानी का दूरूपयोग न हो, ऐसे स्थान जहां पेयजल के लिए भीड़ एकत्रित होती है, उन स्थानों पर पेयजल के विशेष प्रबंध किए जाएं। इस कार्य में पूर्व में आयोजित पब्लिक पार्लियामेंट के संयोदक मधुसूदन चौबे और उनकी टीम के सदस्यों से भी सहयोग एवं सुझाव देने की अपील की।

निर्माण की गई प्रत्येक सड़क पर साइजिंग बोर्ड लगाए
उद्योग मंत्री ने नालों की सफाई की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्षा ऋतु के पूर्व नालों की सफाई का कार्य पूर्ण किया जाए, यह सफाई कार्य योजनाबद्ध तरीके से करें। इसके लिए डीपीआर तैयार करें। उद्योग मंत्री ने नगर में नगर पालिका एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही सड़कों के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक सड़क पर साइजिंग बोर्ड एक समान साइज एवं एक ही रंग के लगाए जाएं जिस पर सड़क का नाम, निर्माण, एजेंसी आदि के साथ यह भी चेतावनी लिखी जाए कि इन साइजिंग बोर्ड पर किसी भी प्रकार का पोस्टर, पेम्पलेट या प्रचार सामग्री चस्पा या लिखने पर संबंधित प्रिंटर्स के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध की कार्यवाही करें
उद्योग मंत्री ने नगर पालिका एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की कार्यवाही करें। इसके लिए पॉलीथिन विक्रेताओं की बैठक आयोजित कर पॉलीथिन के दूष्परिणामों से अवगत कराए और पॉलीथिन के स्थान पर जूट, कपड़े एवं गत्ते से बने थेली के उपयोग पर नागरिकों को प्रेरित करें। बैठक में मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि जिले में साढ़े तीन करोड़ की पेयजल के लिए राहत कार्य योजना बनाई गई है। नगर के 22 वार्डों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पांच सबमर्सिबल पम्पों में पानी डालने का कार्य किया गया है। चार जोन स्तर पर कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे है। शहर में पांच हाईडेंड थे अब छह नए हाईडेंड तैयार किए जा रहे हैं।

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