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अनिल कुमार पंजवानी

अनिल कुमार पंजवानी

''व्यापार को बच्चें की तरह पालना पड़ता है''

* अरुण शर्मा


व्यापार को ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए व्यापारी को त्याग, तपस्या, ईमानदारी और परिश्रम की कई सीढिय़ों को पार करना पड़ता है, तब व्यापार में सफलता प्राप्त होती है। व्यापार को बिलकुल अपने बच्चों की तरह पालना होता है, तब व्यापर फलता और फूलता है। व्यापार में विश्वास और ईमानदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तब जाकर व्यापार करने का परिणाम सामने आता है। उक्त विचार स्वदेश से चर्चा करते हुए दाल बाजार के ऑयल कारोबारी एवं श्री आनंद ऑयल कॉर्पोरेशन फर्म के संचालक अनिल कुमार पंजवानी ने साझा किए।अनिल पंजवानी ने बताया कि वह विगत बीस वर्षों से शहर में खाद्य तेल का कारोबार कर रहे हैं। श्री पंजवानी ने बताया कि हमारे परिवार में पहले बीड़ी, सिगरेट और साबुन का कारोबार होता था। इसके बाद पिताजी ने एक ऑयल की एजेंसी को ले लिया, तभी से, में इस कारोबार से जुड़ गया। श्री पंजवानी ने बताया कि उन्हें बचपन से ही व्यापार करने के प्रति बेहद आकर्षण था। इस वजह से पढ़ाई के बाद व्यापार को चुना। श्री पंजवानी ने बताया कि जो व्यापारी आज कमा रहे हैं उसके पीछे उनकी वर्षों की तपस्या है। श्री पंजवानी ने बताया कि मेंने हर कार्य को छोटे स्तर से ही शुरू किया है, कभी उन ऊंचाईयों को नहीं देखा जो मुझे परेशान करें।

आत्मिक शांति मिलती है सेवा कार्य से

श्री पंजवानी ने बताया कि उन्हें जरूरतमंद लोगों की मदद करने और सेवा भाव का कार्य करने में आत्मिक शांति का अनुभव होता है। श्री पंजवानी ने बताया कि हमारी 40-50 लोगों की एक मित्र मण्डली है। यह मित्र मण्डली प्रत्येक रविवार को जयारोग्य, ट्रॉमा सेंटर, न्यूरोलॉजी और कमलाराजा आदि अस्पतालों में प्रत्येक बेड पर जाकर मरीजों को फल और विस्कुट का वितरण सेवा भाव से करते हैं। इस प्रकार से 1200 से 1300 लोगों को फल और बिस्कुट का वितरण होता है। हमारी मित्र मण्डली द्वारा प्रतिदिन अस्पतालों में सुबह और शाम के वक्त मरीजों को मिलने वाले दूध को गर्म करके दिया जाता है। सर्दियों में कम्बल आदि का भी वितरण करते हैं। गर्मियों के मौसम में प्रत्येक मंगलवार को मित्र मंडली द्वारा मरीजों और उनके परिजनों को शरबत का वितरण किया जाता है।

रेलवे स्टेशन पर बाटेंगे शरबत

श्री पंजवानी ने बताया कि उनके व उनकी मित्र मण्डली द्वारा गर्मियों को ध्यान में रखते हुए 15 अप्रैल से रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को शीतल जल का वितरण किया जाएगा।

और अवसरों की तलाश है

श्री पंजवानी ने बताया कि लोगों की अधिक से अधिक मदद हो जाए इस हेतु और मोकों की तलाश है। श्री प्रकार के सेवा भाव करने से जहां मन को शांति मिलती है वहीं हम किसी की जरूरत को भी हम पूरा कर सकते हैं।

शहर के व्यापार में वृद्धि होना चाहिए

श्री पंजवानी ने बताया कि ग्वालियर अंचल में नए उद्योगों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए। जिससे यहां के युवा को नौकरी के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़े। श्री पंजवानी ने बताया कि आज स्थिति यह है कि अगर एक बार बच्चा घर से निकल जाए तो उसकी वापसी असंभव है। शासन और प्रशासन को ग्वालियर अंचल में उद्योग लगाने की दृष्टि से और अधिक प्रयास करने चाहिए।

आपकी दिनचर्या

सुबह 6 बजे उठना।
सुबह 7.30 बजे जिम जाना।
सुबह 10 बजे तैयार होकर अचलेश्वर मंदिर जाना।
इसके उपरांत सुबह 11 बजे रात्रि 8 बजे तक का समय व्यापार को देना।
अवकाश का दिन परिवार के लिए समर्पण होता है।

एक नजर में

एक बेटा साहिल है जो कक्षा सात में है और स्केटिंग में मेडल भी प्राप्त कर चुका है।

दूसरा बेटा लक्ष्य है जो कक्षा पांच में है और कराटे में चेम्पीयन है। लक्ष्य स्टेट लेबल पर खेल चुका है।

दोनों बच्चे आज्ञाकारी और धार्मिक प्रवृत्ति के है। धर्म पत्नी एक कुशल ग्रहणी हैं। आपका निवास माधव नगर में है।

यह भी

उद्देश्य - व्यापार को आगे बढ़ाना

प्रेरणा - परिवार और गुरू जी

शुरूआत - पढ़ाई उपरांत

दर्द - गरीबों और असहायों के प्रति

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