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फेरों पर बिगड़ी बात बिन दुल्हन लौटी बारात

लोक अदालतों से दोनों पक्षों में हार जीत की भावना समाप्त हो जाती है- जिला जज

फीरोजाबाद | जनपद न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज कष्ण सिंह ने दीप प्रज्वलित एंव मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण कर विधिवत उदघाटन किया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्ता मौजूद रहे। संचालन प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम प्रमोद कुमार ने किया।

जिला जज श्री सिंह ने लोक अदालत के महत्व को बताते हुए कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से निस्तारित मुकदमों से दोनों पक्षों के बीच मतभेद और मनभेद खत्म हो जाते हैं तथा इसमें निस्तारित मुकदमों की अपील या निगरानी नहीं होती है तथा दोनों पक्षों में हार जीत की भावना समाप्त हो जाती है और सौहार्द बना रहता है। उन्होनें कहा कि लोक अदालतों में निर्णित मुकदमों से समय, धन की बचत होती है और राष्ट् के उत्थान के लिये सहायक है। अदालतों में मुकदमों के भार में कमी आती है और वादी की कोर्ट वापस हो जाती हैं। इस अवसर पर मंच पर जिला जज कृष्ण सिंह एवं अपर जिला जज उमा शंकर शर्मा व रामपाल सिंह तथा बार अध्यक्ष धर्मसिंह यादव आसीन रहे तथा सभागार में प्रमुखरूप से सभी अपर जिला जज एवं मुख्य न्यायिक मजिस्टे्ट प्रमोद कुमार गॅगवार सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं लियाकत अली एडवोकेट आदि उपस्थित रहे। लोक अदालत में 2119 मुकदमें निस्तारित किये गये और 35,630 रूपये जुर्माना वसूला गया जबकि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के नौ वाद निस्तारित कर 35 लाख 86 हजार 873 रूपये प्रतिकर दिलाया गया और उत्तराधिकार के पॉच मामले निस्तारित कर 17 लाख 80 हजार 859 रूपये के प्रमाण पत्र जारी किये। किशोर न्याय बोर्ड के तीन, भरण पोषण के 15 व व्यवहारिक के पांच तथा प्रशासनिक 1,530 वाद निस्तारित किये गये तथा बीएसएनएल द्वारा 29 मामलों में 52,320 रूपये वसूला गया।

जिला जज कृष्ण सिंह ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के तीन वाद निस्तारित कर नौ लाख दस हजार रूपये प्रतिकर दिलाया और तीन अन्य वाद निस्तारित किये तथा सीजेएम प्रमोद कुमार गॅगवार ने 204 मुकदमें निस्तारित कर 12,280 रूपये जुर्माना वसूला और 26 एफ0आर0 के मामले निस्तारित किये। प्रधान न्यायाधीश परिवारिक न्यायालय श्रीमती ज्योतिसना शर्मा ने भरण पोषण के 15 तथा व्यवहारिक के पॉच वाद निस्तारित किये। अपर जिला जज कोर्ट नं0 3 रामलखन सिंह चन्द्रौल ने तीन, कोर्ट नं0 4 राकेश सिंह ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के दो वादों में 10 लाख 50 हजार प्रतिकर दिलाया जबकि कोर्ट नं0 5 रामपाल सिंह ने छ: वाद निस्तारित किये। कोर्ट नं0 8 पी0के0 जैन ने विद्युत के 16 वादों में 50 हजार रूपया जुर्माना वसूला और मोटर दुर्घटना प्रतिकर का एक वाद में चार लाख 26 हजार रूपये प्रतिकर दिलाया तथा एफ0आर0 के 35 वाद निस्तारित किये। कोर्ट नं 6 मोहम्मद रिजवान अहमद ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के दो वादों में तीन लाख 50 हजार प्रतिकर दिलाया तथा एक सिविल वाद निस्तारित किया जबकि कोर्ट नं0 7 सुरेन्द्र नाथ ने एफ0आर0 के दो वाद तथा कोर्ट नं0 9 मुहम्मद गजाली ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर का एक वाद निस्तारित कर आठ लाख 50 हजार रूपये प्रतिकर दिलाया। एसीजेएम शिकोहाबाद निशान्त देव ने 165 वाद निस्तारित कर 15,600 रूपये वसूला जबकि सिविल जज जू0डि0 रमेश चन्द्र कुशवाह ने 12 वादों में 2,150 रूपये जुर्माना वसूला। श्रीमती पूनम कर्णवाल ने जे0एम0 न्यायालय के 38 वाद निस्तारित कर 2,800 रूपये वसूला तथा किशोर न्याय बोर्ड के तीन वाद निस्तारित किये। सिविल जज जू0डि0 त्वरित न्यायालय श्रीमती शिवकुमारी ने एक वाद, ग्राम न्यायालय जसराना राहुल सिंह ने 26 वाद निस्तारित कर 2,800 रूपये जुर्माना वसूला गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन श्रीमती अर्चना यादव ने एक वाद में 60 हजार व पॉच उत्तराधिकार के मामलों में 17 लाख 80 हजार 859 के प्रमाण पत्र जारी करने के अलावा दो प्रकीर्ण व छ केविएट के मामले निस्तारित किये।

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