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करोड़ों की लागत से शुरु की गई थी 2013-14 में सॉलिट बेस्ट योजना 25 एकड़ की चहारदीवारी में बंद पड़ा है प्लांट

झांसी। शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए व शहर में जगह-जगह कूड़ा को उठाने व कूड़े का उपयोग के लिए वर्ष 2013-14 में सॉलिट बेस्ट के द्वारा कार्य किया गया था। इसके लिए सदन की बैठक में चर्चा हुई थी। जिसमें सॉलिट बेस्ट के लिए सहमति हुई थी और इस कार्य हेतु डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य शुरु कर दिया गया था। एक कंपनी को कूड़ा कलेक्शन का ठेका दिया गया था। बिजौली के लगभग 25 एकड़ के करीब क्षेत्र में प्लांट लगाने की तैयारी शुरु कर दी गई थी। इसमें उक्त कंपनी ने नगर निगम में अपनी सिक्योरिटी भी जमा की थी। फिलहाल लगभग एक साल तक सॉलिट ेबेस्ट कार्य की गति मध्यम-मध्यम चलती रही। लेकिन अचानक कंपनी ने अपना कार्य करना बंद कर दिया और बिजौली में करोड़ों की लागत से प्लांट की तैयारी चारदीवारी बनकर रह गई। जिसमें नगर निगम की बेशकीमती जमीन आज भी चारदीवारी में बंद है।
सॉलिट बेस्ट योजना शहर को स्वच्छ बनाने के लिए व कूड़ा प्रबंधन के कार्य के लिए चलायी जा रही थी। लेकिन बीच में योजना का विराम हो गया। जिसमें नगर निगम का लाखों रुपये खर्च हुआ। अब पुन: प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना को श्रीगणेश करने के लिए तैयारी चल रही है और जल्द ही सॉलिट बेस्ट की बंद पड़ी चारदीवारी में योजना शुरु होने वाली है। इस मामले को लेकर प्रदेश स्तर पर सॉलिट बेस्ट का कार्य करने के लिए पुन: बड़ी कंपनियां टेण्डर कर रही है और शहर में कूड़ा प्रबंधन कार्य के लिए फिर 2016-17 तक योजना की तैयारी होना है। इसके लिए नगर निगम द्वारा भी प्रयास किया जा रहा है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग जाते थे और प्रतिदिन नगर निगम द्वारा कूड़ा उठाया जाता है। इस कूड़े का उपयोग करने के लिए अन्य शहरों से कंपनियां झांसी महानगर में कूड़ा प्रबंधन प्लांट लगाकर कूड़ा का उपयोग लाने की तैयारी कर रही है। जिससे कि कूड़े का भी उपयोग हो सकेगा। घर-घर से कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा और कंपनियां जो सॉलिट बेस्ट का कार्य करेंगी, उसके लिए शहर के कर्मचारियों की भी जरुरत पड़ेगी। हालांकि पूर्व में 2013-14 में इस योजना में कार्य कर रहे कई लोगों को कार्य करने के दौरान वेतन नहीं मिल पाया था।

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