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कल्याण मेमोरियल को खाली करने दिए 15 दिन

चार कमरों में डाले ताले अस्पताल प्रबंधन सहित मरीजों में मचा हड़कंप
नगर निगम ने की कार्रवाई

ग्वालियर। पिछले साल दिसम्बर में उच्च न्यायालय द्वारा दिए नोटिस को दरकिनार कर बारादरी चौराहे पर निगम दुकानों के ऊपर मासिक लायसेंस शुल्क के आधार पर संचालित कल्याण मेमोरियल अस्पताल पर बुधवार को नगर निगम अमले ने कार्रवाई की। अमले के यहां पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया।
उल्लेखनीय है कि बारादरी चौराहा, हुरावली रोड पर नगर निगम की लगभग 28 दुकानें हैं। इनकी छत पर लगभग छह हजार वर्गफीट में निर्माण के बाद 1995 से लगभग 1800 मासिक शुल्क पर कल्याण मेमोरियल अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। इस मामले में न्यायालय से नोटिस मिलने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने अपने उपकरण व मरीज वहां से शिफ्ट नही किए। बुधवार को उपायुक्त जेएन पारा के नेतृत्व में निगम का अमला यहां पर पहुंच गया और अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से बिल्डिंग खाली करने के लिए कहा। इस पर अस्पताल के कर्मचारियों ने पंलग एवं अन्य सामान समेटना शुरू कर दिया। हांलाकि इस दौरान लगभग दोपहर दो बजे के बाद अपर आयुक्त एमएल दौलतानी भी यहां पहुंच गए और उन्होंने अस्पताल संचालक केजी शर्मा व अभिनव शर्मा को हिदायत देते हुए अस्पताल के चार कमरों में ताले डालकर उन्हें सील कर दिया। वहीं उन कमरों को जिनमें कि उपचार के लिए मरीज भर्ती थे तथा ऑपरेशन थिएटर को छोड़कर अस्पताल प्रबंधन को 15 दिन का समय देते हुए तथा नए मरीज भर्ती न करने की हिदायत दी और जल्द से जल्द अस्पताल खाली करने के निर्देश दिए।
निगमायुक्त का न आना रहा चर्चा में
शहर की सड़कों और चौराहों पर सख्ती दिखाकर अतिक्रमण हटवाने के लिए निगम अमले का नेतृत्व करते हुए अब तक निगमायुक्त अनय द्विवेदी को देखा जा रहा था। लेकिन बुधवार को कल्याण मेमोरियल अस्पताल में हुई कार्रवाई के दौरान निगमायुक्त की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही। हांलाकि इसके बाद मुरार के बाजारों में हुई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में निगमायुक्त श्री द्विवेदी पहुंच गए। यदि देखा जाए अब तक हुई कार्रवाई में जहां सड़कों और बाजारों में तोडफ़ोड़ और सामान उठाते समय निगम का अमला जितना सक्रिय दिखाई दिया तो बुधवार को कल्याण मेमोरियल पर अस्पताल पर कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने दरियादिली दिखाई। अस्पताल प्रबंधन को नगर निगम प्रशासन ने समय तो दिया ही साथ ही किसी सामान को नुकसान भी नही पंहुचाया।
''हमने अस्पताल में भर्ती मरीजों के कारण अस्पताल प्रबंधन से उनके उपचार के बाद जल्द से जल्द निगम की दुकानों के ऊपर निर्मित अस्पताल को खाली करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उक्त सम्पत्ति निगम की है यह सूचना भी बोर्ड पर लगा दी गई है। वहीं अपना कर्मचारी भी नियुक्त कर दिया है। हम जल्द ही अस्पताल खाली करा कर अपना वहां कब्जा लेंगे।
एमएल दौलतानी, आयुक्त नगर, निगम
निगमायुक्त ने कराई दुकानदार से सफाई
नगर निगम मदाखलत दस्ते ने बुधवार शाम को मुरार क्षेत्र के सदर बाजार एवं बारादरी क्षेत्र में अभियान चलाकर यातायात में बाधक अतिक्रमण हटाया। इस दौरान निगमायुक्त ने एक बार पुन: अपना निराला अंदाज दिखाया और एक दुकानदार से ही उसका सामान उठवाते हुए सड़क की सफाई करा दी। इससे पहले निगम अमला निगमायुक्त अनय द्विवेदी के नेतृत्व में यहां पहुंचा और सबसे पहले बारादरी चौराहे पर चैली बल्ली की दुकान के सामने मैन रोड पर रखी चैली-बल्लियों को जब्त किया। वहीं मुरार सदर बाजार में नालियों को अतिक्रमण को मुक्त कराते हुए बाजार से गुमटियों को हटाया। इसके साथ ही जिन दुकानदारों का सामान सड़क पर रखा था उनसे जुर्माना भी वसूला गया। यह कार्रवाई सदर बाजार , चिकसंतर, सौदागर संतर, कोतवाली संतर, जैन मंदिर संतर एवं खुला संतर तक चली। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल साथ होने के कारण किसी भी प्रकार का विरोध नहीं हुआ। निगमायुक्त ने इस दौरान दुकानदारों को पुन:अतिक्रमण न करने हिदायत भी दी।

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