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अटलजी ने ग्रामीण भारत में परिवहन क्रांति का बीड़ा उठाया

मिशन 2018 केप्रति संकल्पित हों: चौहान

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने आज खण्डवा के प्रवास के दौरान कहा कि आजादी के बाद भी गांव दुर्गम थे। 6 दशकों तक गांवों में सड़को के अभाव में परिवहन अवरूद्ध था। राजग की सरकार का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी ने देश के 5 लाख गांवों को सड़क परिवहन क्रांति को उपहार के रूप में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आरंभ की। किसानों को सब्सिडी का झुनझुना पकड़ाकर कांग्रेस ने वोट बैंक बने रहने के लिए विवश किया किंतु उन्हें राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में सीधा भागीदार नहीं बनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 14 करोड़ किसान परिवारों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का तोहफा देकर उन्हें देश की अर्थव्यवस्था में स्वायत्व सौंपा है। देश के पचास प्रतिशत किसान दो वर्षो में इसके अंचल में आ जायेंगे। खेत में बौनी से लेकर फसल किसान के घर पहुँचने तक के जोखिम की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में समाहित की गयी है और किसान को ऐतिहासिक आर्थिक कवच देकर शक्तिवान बनाया गया है। नंदकुमारसिंह चौहान ने निमाड़ के अपने दौरे पर खण्डवा, कान्हापुर आदि ग्रामों में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने किसानों को वे सभी आर्थिक लाभ दिए है जो विश्व के किसी भी देश में दुर्लभ है। राज्य सरकार और केन्द्र सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। किसान बंधु मिशन 2018 के लिए संकल्पित हो, जिससे 2018 में श्री चौहान के नेतृत्व में चौथी बार मध्यप्रदेश को भाजपा सरकार निर्वाचित करने का गौरव प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि निमाड़ में सड़क और रेल परिवहन सेवाओं में वृद्धि करने और कस्बों को प्रदेश की आर्थिक राजनीति इंदौर से जोडऩे के लिए योजनाएं अमल में आ रही है। नरेन्द्र मोदी ने 3 हजार करोड़ रू. लागत की नेशनल हाइवे परियोजना को इस निमाड़ अंचल के लिए मंजूरी दे दी है। बुरहानपुर से इंदौर फोर लेन नेशनल हाइवे का निर्माण किया जायेगा। इसी तरह भीकनगांव, बेरछा और अन्य कस्बाई बस्तियों को स्टेट हाइवे और नेशनल हाइवे से जोड़कर सड़क परिवहन क्रांति का विस्तार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों को पहली बार अहसास हुआ कि यह किसानोन्मुखी सरकार है। शिवराजसिंह चौहान ने किसानों के लिए साख सुविधा, सरल और लाभप्रद बना दी है। खाद और बीज के लिए 1 लाख रू. कर्ज लेने पर किसान को 10 प्रतिशत की छूट दी जायेगी और उसे 1 लाख मूलधन पर 90 हजार रू. का ही भुगतान करना होगा। प्रदेश में किसानों को जीरो प्रतिषत ब्याज पर दिए जाने वाले फसल कर्ज से किसानों को लाभ पहुंचा है और किसानों में आयी जाग्रति और उत्साह का नतीजा है कि प्रदेश को चौथी बार कृषि कर्मण सम्मान प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अन्नदाता किसानों को देकर उनके उत्साह को दोगुना कर दिया है।
श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि को नवीनतम प्रौद्योगिकी से जोडऩे के लिए राज्य सरकार किसानों के विदेश भ्रमण का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम बना रही है जिससे किसान कृषि के उन्नत शिल्प और सिंचाई शिल्प से परिचित होकर कम से कम पानी में अधिक से अधिक उत्पादन ले सकेंगे। प्रदेश में किसान नए कृषि शिल्प को अपनाकर प्रति हेक्टेयर अधिक लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण का जो माडल अमल में आया है उसका दूसरे प्रदेश अनुसरण कर रहे है। यहां तक की विकास के माडल की विदेशो में चर्चा हो रही है। युवकों के लिए स्किल डेव्हलपमेंट, मेक इन मध्यप्रदेश योजनाएं लाभप्रद साबित हो रही है और हुनर के साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए प्रदेश में अमन चैन और राजनैतिक स्थिरता अपेक्षित होती है। इस दिशा में प्रदेश ने अच्छे संकेत दिए है। उन्होंने जन जन से आग्रह किया कि वे मिशन 2018 में मध्यप्रदेश में शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनाने की मानसिकता से आगे बढ़े जिससे मिशन 2019 का मार्ग प्रशस्त कर केन्द्र में दूसरी बार नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार का गठन सुनिश्चित करके देश को वैभव के परम शिखर पर पहुंचाने का लक्ष्य पूर्ण करने में जन जन की भागीदारी हो।

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