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लोक अदालत के लिए अधिक से अधिक प्रकरण तैयार किए जाएं: जिलाधीश

जनहितैषी योजनाओं में भी लाभ दिया जा सकता है: सीजेएम, लोक अदालत का आयोजन 27 को

भिण्ड। जिलाधीश इलैया राजा टी ने कहा है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए बड़े पैमाने पर प्रकरण तैयार करें। जिससे उनका निराकरण 27 फरवरी को आयोजित होने वाली लोक अदालत में कराया जा सके। वे गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डीएलसीसी एवं लोक अदालत की तैयारियों संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण सिंह, सीजेएम समीर कुलश्रेष्ठ, सिविल जज सिद्धार्थ तिवारी, संयुक्त जिलाधीश अनुज रोहतगी, एलडीएम एमके अग्रवाल, रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि मनोज कुमार, नावार्ड के प्रतिनिधि अमित सिंह चौहान, महाप्रबंधक उद्योग अनूप चौबे, पंजाब एण्ड सिंध बैंक के प्रबंधक रमेश चंद्र कोरकू, पंजाब नेशनल बैंक के अशोक शर्मा, विकास योजनाओं से जुड़े हुए विभागीय अधिकारी, अन्य बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।
जिलाधीश इलैया राजा टी ने कहा कि 27 फरवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस लोक अदालत के लिए विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी बड़े पैमाने पर प्रकरण तैयार कर उनका निराकरण कराने की पहल करें। इस लोक अदालत में बैंक के ऋण बसूली के प्रकरणों का भी निराकरण किया जा सकता है। साथ ही धारा 138 एनआई एक्ट के प्रकरण भी निराकृत कराए जा सकते है।
सीजेएम समीर कुलश्रेष्ठ ने बैठक में बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार माह फरवरी से अक्टूबर 16 तक विशेष विषय पर प्रत्येक माह राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। इसी श्रंखला में 27 फरवरी को बैंक के ऋण वसूली प्रकरण, धारा 138 एनआई एक्ट के प्रकरणों का वृहद पैमाने पर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है। बैठक में विभागीय अधिकारी और बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने बैंक ऋण वसूली आदि के प्रकरण लोक अदालत के माध्यम से निराकृत कराने के लिए आश्वस्त किया।

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