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कलैक्ट्रेट में मनाया गया राजस्व दिवस

उत्कृष्ट कार्य करने वाले लेखपाल हुये सम्मानित

ललितपुर। जिलाधिकारी डा.रूपेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में राजस्व दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संहिता के बन जाने से 39 अनुपयोगी कानून समाप्त हो जाएगें तथा इसका फायदा आम आदमी तथा गरीब एवं किसान को मिल सकेगा तथा इससे कचहरी एवं अदालत की अनावश्यक भागदौड़ से छूट मिलेगी। राजस्व संहिता से राजस्व वादों का निपटारा तेजी से होगा और कानून व्यवस्था की चुनौती कम होगी।
राजस्व संहिता के प्रावधान की चर्चा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस संहिता के लागू होने से राजस्व अधिकारी न्यायिक अलग कैडर होगा जो सिर्फ राजस्व वादों का निस्तारण करेगें। खतौनी में हर खातेदार के हिस्से का उल्लेख होगा और कई कास्तकारों वाले हर नम्बर का भौतिक विभाजन किया जाएगा। नामांतरण व इससे जुड़ी कार्यवाही के लिए शुल्क तय किए जाएगें। राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों का निराकरण होगा तथा भूल सुधार की जा सकेगी। इसके साथ ही आवादी का सर्वे कराकर इसका पूरा ब्यौरा तैयार हो सकेगा। जमीन खाली होने पर ही पट्टा किया जा सकेगा तथा आबंटित भूमि में बराबर का हिस्सा मिलेगा। पट्टे के पात्र व्यक्ति की भूमि का स्वामित्व उसे समय से प्रदान किया जाएगा। उन्होने यह भी बताया कि भूमि प्रबंधक समिति यदि अपने दायित्व में विफल रहती है तो उसे उसके अधिकार से वंचित करने से पहले सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। ऐसे आसामी जिन्हे जमीन पर अधिकार नहीं मिलता है, उन्हे असंक्रमणीय भूमिधर का अधिकार मिलेगा जो बाद में संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार पा जाएगें।
सरकार को यह भी अधिकार होगा कि वह आवश्यकता के अनुसार जमीन की श्रेणी बदल सके। गैर कृषि जमीन को गैर कृषि घोषित करने भर से उसका लाभ नहीं मिलेगा, उसे उससे जुड़े कार्य करने होगें। राजस्व संहिता के अधिनियमों की चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि धारा 143 की घोषणा के बाद भी अकृषि भूमि को दाखिल-खारिज किया जा सकेगा तथा सीलिंग सीमा से अधिक जमीन खरीदने पर रोक रहेगी। ऐसे किसान जो स्वयं खेती नहीं कर सकते तो अपनी जमीन पट्टे पर दे सकेगें। अनुसूचित जाति के भूमिधर जिलाधिकारी की अनुमति से एवं शर्तों का पालन करते हुए अपनी जमीन गैर दलितों को भी बेच सकेगें। संहिता यह भी प्रावधान किया गया है कि लोग उपयोगिता की जमीन को भी सरकार जरूरत पडऩे पर बेच सकेगी। राजस्व संहिता के अहम प्रावधानों में विशेष उल्लेखनीय यह है कि अविवाहित पुत्री को प्रथम श्रेणी का उत्तराधिकारी बनाया गया है। यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर किसी ने अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा किया है, उसे हटाया जा सकेगा और पचास हजार रूपए से कम बकाया पर गिरफ्तारी नहीं होगी। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा राजस्व के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए लेखपालो- अनिल कुमार राय, प्रेमदास, मुन्नीलाल, नन्दलाल, देवशरन, तीरथ सिंह, शिवशंकर झां, परशुराम, नाथूराम पाल एवं मनोज कुमार श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी मिथलेश कुमार त्रिवेदी, उप जिलाधिकारी सदर रमेश चन्द्र, उप जिलाधिकारी तालबेहट रत्नाकर मिश्र, डी0जी0सी0 सिविल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।

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